आंध्राप्रदेश ने दिया युवाओं को तोहफ़ा, निजी क्षेत्र की नौकरियों में मिलेगा 75 प्रतिशत आरक्षण

New Delhi : आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने राज्य के युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुये सोमवार को जगनमोहन सरकार ने राज्य के स्थानीय लोगो को निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक को पारित कर दिया है। जिसके बाद आंध्राप्रदेश निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों 75 प्रतिशत आरक्षण देने वाला देश में पहला राज्य बन गया है।

विधेयक में कहा गया है कि कोई भी निजी कंपनी चाहे उसे राज्य सरकार की ओर से किसी प्रकार मदद मिल रही है हो या नहीं उन्हें हर हाल में राज्य के स्थानीय निवासियों को 75 आरक्षण देना होगा।उद्योगों / कारखानों अधिनियम, 2019 के तहत राज्य के सभी कारखानों, संयुक्त उपक्रमों और उद्योगों में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत निजी नौकरियां देने का प्रावधान किया गया हैं, जिनमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी भी शामिल हैं।

अधिनियम के लागू होने के बाद, पीपीपी मॉडल के तहत स्थापित मौजूदा उद्योगों, संयुक्त उद्यमों, कारखानों और परियोजनाओं को तीन वर्षों के भीतर 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को काम पर रखना होगा। यदि नौकरी के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं है, तो विधेयक उद्योगों को सरकार के सहयोग से तीन साल के भीतर स्थानीय उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने और फिर उन्हें नौकरी देने का प्रावधान करता है।

इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घोषणा की थी उनकी सरकार जल्द ही ऐसा कानून पारित करने जा रही है जो राज्य के निवासियों के लिए निजी कंपनियों में 70 प्रतिशत नौकरियों को आरक्षित करेगी। साथ ही कमलनाथ ने कहा था कि इस आरक्षण को लागू करने वाली कंपनियां ही राज्य सरकार की योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिये पात्र होंगी।

कमलनाथ ने कहा था जब मध्यप्रदेश के युवा महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में नौकरी की भर्ती परीक्षाओं में बैठने में असमर्थ होते है क्योंकि उन परीक्षाओं में राज्यों की भाषाओं की परीक्षा भी शामिल होती है। जिससे मध्यप्रदेश के हिंदी भाषी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने दिसंबर 2018 में औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग को 70 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य करने का आदेश दिया था।