निलंबित BJP नेता अनिल शर्मा बोले,पार्टी ने बेटे के खिलाफ जाने को कहा..पर मैंने परिवार को चुना

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी से नि’लंबित होने के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने कहा “पार्टी ने मुझे अपने बेटे के खि’लाफ काम करने के लिए कहा था, मैंने उनसे (भाजपा ) से कहा कि मैं अपने परिवार के खि’लाफ नहीं जा सकता, इसीलिए मैं न तो कांग्रेस का समर्थन करूंगा और न ही भाजपा का। मैं पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहा था।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के दो महीने बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्व बिजली मंत्री अनिल शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। अनिल शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुख राम के बेटे हैं, जो लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गये थे।

अनिल शर्मा के नि’लंबन पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने एएनआई को बताया, “जो कभी पार्टी लाइन के खिलाफ जाता है, उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उसे (शर्मा) पार्टी लाइन के खिलाफ जाना पड़ता है। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।”

आपको बता दें अनिल शर्मा ने मंडी लोकसभा क्षेत्र से अपने बेटे आश्रय शर्मा के कांग्रेस पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने के बाद जय राम ठाकुर का मंत्रिमंडल छोड़ दिया था। मंडी में भाजपा के उम्मीदवार रामस्वरुप शर्मा के खिलाफ और मंडी में उनके बेटे आश्रय शर्मा के समर्थन में चुनाव प्रचार  करने के बाद अनिल शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया है।

लोकसभा चुनाव 2019 में अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा मंडी से बीजेपी के टिकट की मांग रहे थे। लेकिन बीजेपी ने उनकी जगह सांसद रामस्वरूप शर्मा को टिकिट देना उचित समझा था। जिसके बाद, आश्रय अपने दादा के साथ 25 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो गए थे और कांग्रेस ने उन्हें मंडी से मैदान में उतारा।

अनिल शर्मा पिछले बार 1993, 2007, 2012 और 2017 में विधानसभा के लिए चुने गए और 1998 में राज्यसभा के सदस्य भी रहे। वीरभद्र सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकारों के दौरान 1993 और 2012 में मंत्री थे, लेकिन उन्होंने अपने पिता सुख राम के साथ पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अक्टूबर 2017 में भाजपा में शामिल हुये थे।