अब तक नहीं मिला लापता विमान AN-32 ,जारी है सर्च ऑपरेशन

भारतीय वायुसेना के लापता विमान AN-32 का अभी तक पता नहीं चल सका है। यह विमान सोमवार को लापता हुआ था। इसमें 13 लोग सवार थे। विमान चालकों से आखिरी बार सोमवार को दिन में 1 बजे संपर्क हुआ था। इस विमान ने असम के जोरहाट से 12.25 बजे उड़ान भरी थी।

 

फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन अभी तक लापता विमान मिस्ट्री बना हुआ है। विमान ने चीन की सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए उड़ान भरी थी।

विमान का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना ने दो एमआई हेलीकॉप्टरों के साथ सी-130जे और सुखोई विमानों को लगाया है।

भारतीय नौसेना भी विमान की खोज में जुटी हुई है। नौसेना ने एक नौसैनिक समुद्री जहाज को खोज में लगाया है।इसके अलावा इसरो ने भी अपने रडार इमेजिंग सैटेलाइट को मदद के लिए अभियान में शामिल किया है।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब AN-32 इस तरह से लापता हुआ है। सबसे पहले 1986 में ये विमान 25 मार्च 1986 को हिंद महासागर के ऊपर से तब गायब हुआ था जब ये विमान सोवियत यूनियन के से ओमान के रास्ते होते हुए भारत आ रहा था। इसमें कुल सात लोग सवार थे, लेकिन इस विमान का आज भी कुछ पता नहीं लग पाया है।

इसके अलावा भी 2016 में चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा AN-32 विमान लापता हो गया था।  इसमें भारतीय वायुसेना के 12 जवान, 6 क्रू-मेंबर, 1 नौसैनिक, 1 सेना का जवान और एक ही परिवार के 8 सदस्य मौजूद थे। इसकी तलाश में एक पनडुब्बी, आठ विमान और 13 पोत लगाए गए थे।

AN-32 की खासियत-

यह रूसी विमान एएन-26 का आधुनिक वर्जन है। इस विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है।

इसका ज्यादातर इस्तेमाल कम और मध्यम हवाई दूरी के लिए सैन्य साजो-सामान पहुचांने, जवानों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में और आपदा के समय घायलों को अस्पताल लाने और ले जाने में किया जाता है।

युद्ध और प्राकृतिक आपदा के वक्त इस विमान से बहुत मदद मिली है। कारगिल युद्ध के दौरान यह विमान जवानों को दुर्गम स्थानों पर भेजने में अहम साबित हुआ था।

kaushlendra

सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में दिलचस्पी है।गांधी जी का फैन हूँ।समाज में जागरुकता लाना उद्देश्य है।पत्रकारिता मेरा प्रोफेशन है,जुनून है और प्यार भी है।
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