महबूबा की पार्टी के पूर्व नेता ने कहा- J&K को केंद्रशासित प्रदेश बनाने में कुछ गलत नहीं है

NEW DELHI: जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने को लेकर ज्यादातर स्थानीय नेता विरोध कर रहे हैं। वहीं पीडीपी के पूर्व नेता फारूक अहमद डार ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने राज्य को बांटे जाने से संबंधित चिं’ताओं को खारिज करते हुए कहा कि अगर इससे फायदा होता है तो ऐसा करने में कोई नुकसान नहीं है।

उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच अक्सर टकराव होता रहता है लेकिन बावजूद इसके वहां विकास हो रहा है। डार ने सवाल उठाते हुए कहा, यदि लोगों को केंद्रशासित प्रदेश के दर्जे से लाभ हो सकता है, तो इसमें नुकसान क्या है?

डार ने 1948 में जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री बनने वाले शेख अब्दुल्ला की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा, वह सबसे बड़े नेता थे जिनके नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर ने भारत को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, सभी ने इसे स्वीकार किया।

डार ने पीडीपी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला पर राज्य के लोगों को गुमराह करने का आ’रोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं ने अनुच्छेद 370 को कमजोर करने में मदद की है। सभी नेताओं और अ’लगाववा’दियों के दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में घर हो सकते हैं, तो शेष देश के लोगों को कश्मीर में जगह क्यों नहीं मिल सकती?