अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले – सीमा विवाद में हम भारत-चीन के बीच मध्यस्थता को तैयार

New Delhi : भारत और चीन के बीच जारी तनाव में अब अमेरिका भी आगे आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है – उन्होंने भारत और चीन दोनों से कहा है कि वह इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट किया- हमने भारत और चीन को बताया है कि अमेरिका दोनों के बीच उबलते सीमा विवाद में मध्यस्थता करने या फैसला करने के लिए तैयार है, इच्छुक है और योग्य भी है।

इधर पिछले 25 दिनों से जारी तनाव के बाद और जब भारत भी अपनी चीजों पर जोरदारी से अड़ा तो चीन के बोल नरम हो गये। चीन ने बुधवार को कहा – भारतीय सीमा पर स्थिति पूरी तरह से स्थिर और नियंत्रण में है। दोनों देशों के पास आपसी बातचीत के जरिये ऐसे मुद्दों को हल करने का तंत्र मौजूद है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा – सीमा से जुड़े मुद्दों पर चीन की स्थिति स्पष्ट है। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनावपूर्ण माहौल बनाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में नाकाम रहने के बाद चीन अब सामान्य रुख पर आया है। चीनी विदेश मंत्रालय के नरम रुख के बाद अब भारत में चीन के राजदूत ने मतभेदों को बातचीत के जरिये मिटाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि चाइनीज ड्रैगन और भारतीय हाथी एक साथ नाच सकते हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दो अनौपचारिक शिखर सम्मेलन का हवाला देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- हम दोनों देशों के नेताओं की बैठक के बाद बनी महत्वपूर्ण सहमति और समझौते का सख्ती से पालन कर रहे हैं।

वहीं, भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने कहा – भारत और चीन साथ मिलकर कोरोनावायरस से जंग लड़ने के लिये प्रतिबद्ध हैं। बेहतर संबंध रखना दोनों देशों की जिम्मेदारी है। दोनों तरफ के युवाओं को भी यह समझना चाहिए। हमें उन चीजों को दूर रखना होगा, जो आपसी रिश्तों पर बुरा असर डाले। आपसी चर्चा के जरिए ही मतभेद सुलझाने चाहिये।
भारत में चीन के राजदूत सन विडोंग ने कन्फेडरेशन ऑफ यंग लीडर्स मीट को संबोधित करते हुए भारत और चीन के रिश्तों को प्रगाढ़ करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा- हमें कभी भी अपने मतभेदों को अपने रिश्तों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। हमें इन मतभेदों का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहिये। विडोंग ने आगे कहा- चीन और भारत कोविड-19 के खिलाफ साझी लड़ाई लड़ रहे हैं और हम पर अपने रिश्तों को और प्रगाढ़ करने की जिम्मेदारी है।
लद्दाख में हाल ही में गालवन नाला एरिया के पास चीन और भारत के बीत तनाव बढ़ गया है। एलएसी के पास कई सेक्टरों में चीन करीब 5 हजार जवान तैनात कर चुका है। पड़ोसी के इस कदम के बाद भारतीय सेना ने भी इन इलाकों में अपने जवान बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इसी महीने दोनों सेनाओं के बीच तीन बार अलग-अलग जगहों पर टकराव हो चुका है। पिछले हफ्ते दोनों देशों की सेनाओं के कमांडर बातचीत कर मुद्दा सुलझाने की कोशिश भी कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हाईलेवल मीटिंग बुलाई। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुख शामिल हुए। इसके बाद मोदी ने विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला से भी चर्चा की। इससे पहले लद्दाख में तनाव पर रक्षा मंत्री की सीडीएस और तीनों सेनाओं के प्रमुखों से करीब एक घंटे मीटिंग हुई थी।

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