पंजाब में रुकेंगी पराली जलाने की घटनाएं, मुख्यमंत्री ने किसानों को आर्थिक मदद देने के दिए आदेश

New Delhi: दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में खतरनाक स्तर तक बढ़ चुके प्रदूषण को देखते हुए पंजाब सरकार ने पराली जलाने की समस्या का निपटारा करने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों पराली जलाने पर पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए कहा था।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कृषि विभाग को आदेश दिया कि वे छोटे और सीमांत किसानों को, जिन्होंने अपनी धान की फसल से निकली पराली को नहीं जलाया है, उसके निपटान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के आदेशों को तुरंत लागू करने को कहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने उन किसानों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की एक विज्ञप्ति के अनुसार, पराली जलाने पर शीर्ष अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते पाए गए थे।

मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बोझ पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए पंजाब का समर्थन करना होगा। हालांकि, उन्होंने वित्त विभाग से किसानों को आवश्यक भुगतान के लिए अपेक्षित धनराशि सुनिश्चित कराने को कहा।

बीते दिनो लुधियाना के मुख्य कृषि अधिकारी बलदेव सिंह ने कहा था कि,’ लुधियाना जिले में, लगभग 90 पराली जलाने वालों के खिलाफ चालान काटे गए हैं। इस साल लुधियाना में जलने वाले पराली के मामले पिछले साल से बेहद कम है। आपको मालूम हो कि दिल्ली-एनसीआर में इस वक़्त प्रदूषित हवा की वजह से हेल्थ इमरजेंसी घोषित की गई है। पर्यावरणविदों का मानना है कि दिल्ली के प्रदूषण में हरियाणा , पंजाब में जलाये जा रहे पराली का अहम् योगदान है