कल्याण सिंह की बढ़ सकती है मुसीबत, CBI की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई

New Delhi : राज्यपाल पद से रिटायर हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने सोमवार को फिर से भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। उन्होंने मंगलवार को कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के पीछे कोई साजिश नहीं थी और जो हुआ वह अप्रत्याशित और अभूतपूर्व था। दिसंबर 1992 जो घटना घटी है वह सदियों से दबी हुई करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं के वि’स्फोट का नतीजा था। जिसके बाद सीबाआई ने कोर्ट में अर्जी लगाकर उन्हें तलब करने की अपील की। आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने सीबीआई को कल्याण सिंह के मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था, जिस पर आज सुनवाई होगी।

कल्याण सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया  6 दिसंबर 1992 की घटना, जिसमें वह ढांचा ढ’ह गया, करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं के विस्फोट का नतीजा था, जिसे सदियों से दबाया गया था।

कल्याण सिंह ने कहा कि अयोध्या एक पवित्र स्थान है और वहां एक मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की भक्ति का विषय था। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को लोगों के सामने अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि वे मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं या इसके खिलाफ। उनका यह बयान बीजेपी द्वारा अन्य राजनीतिक दलों से अयोध्या में राम मंदिर पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहने के बाद आया है

मंगलवार को, सिंह राजस्थान के राज्यपाल के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सक्रिय राजनीति में लौट आए। उन्होंने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। कल्याण सिंह 1992 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे जब हिंदू कार्यकर्ताओं के एक बड़े समूह ने 1992 में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। उच्चतम न्यायालय इस मामले की सुनवाई दिन-प्रतिदिन के आधार पर कर रहा है।

राम मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की भक्ति का विषय है : कल्याण सिंह