दिल्ली से करतारपुर गुरूद्वारे पहुंचेगी सोने की पालकी, पाक ने दी 2000 भक्तों को शामिल होने की इजाजत

New Delhi : भारतीय सीमा की ओर बन रहे करतारपुर गलियारे का निर्माण कार्य 25 फीसदी पूरा कर लिया गया है। अगले कुछ दिन में इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व के पहले ही इसका कार्य पूरा करने की योजना है। इसी खुशी में अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने बताया कि गुरूनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर गुरूद्वारे में एक सोने की पालकी स्थापित की जाएगी।

यह पालकी दिल्ली से नगर कीर्तन के दौरान करतारपुर साहिब गुरूद्वारे में पहुंचाई जाएगी। सरना ने यह भी खुशखबरी दी कि पहले पाकिस्तान ने इस नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए 1500 भक्तों को ही अनुमति दी थी लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर 2000 कर दी गई है। जो भी श्रद्धालु इस नगर कीर्तन में शामिल होना चाहते हैं वह अपनी जानकारी उनके दफ्तर में दे। इसके अतिरिक्त इस बार पाकिस्तान सरकार 15 दिन का वीजा दे रही है।

बता दें कि परमजीत सिंह सरना पाकिस्तान से अमृतसर लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में स्थित श्री गुरूनानक पियाऊ गुरूद्वारा से नगर कीर्तन पालकी के साथ 28 अक्टूबर को चलेगा फिर 29 को सुल्तानपुर लोधी पहुंचेगा फिर 30 अक्टूबर को अमृतसर और 31 को अटारी सीमा से होते हुए पाकिस्तान पहुंचेगा। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए पाकिस्तान के वाघा सीमा पर गुरूद्वारा कमेटी के सदस्य रहेंगे। फिर 1 नवंबर को यह पालकी ननकाना साहिब पहुंचेगी।

नगर कीर्तन 2 अक्तूबर को गुरुद्वारा पंजा साहिब के लिए रवाना होगा फिर अलग-अलग गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर लाहौर पहुंचेगा। रात्रि ठहरने  के बाद नगर कीर्तन चार नवंबर को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब पहुंचेगा, जहां पालकी सुशोभित कर दी जाएगी। छह नवंबर को नगर कीर्तन के साथ गए सदस्य अटारी सीमा के रास्ते अपने देश लौट आएंगे।

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