प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिन पर अकाली दल के नेता पहुंचे गुरूद्वारा, सिर झुकाकर की अरदास

NEW DELHI: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का आज 91वें साल के हो गए। पंजाब में अकाली दल और बीजेपी के प्रमुख चेहरा रहे प्रकाश सिंह बादल पहले ऐसे नेता हैं, जो चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पंजाब की राजनीति में प्रकाश सिंह बादल की जगह बेहद महत्वपूर्ण है। जन्मदिन के अवसर पर आज प्रकाश सिंह बादल,केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, सुखबीर बादल और अकाली दल के तमाम नेता अमृतसर के गुरूद्वारा शाहिद गुरबख्श सिंह पहुंचे।

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गुरूद्वारे में जाकर सभी ने 10 साल तक अपनी सरकार रहते हुए की गई गलतियों को लेकर माफी मांगी और अरदास की। नेताओं ने सरकार के दौरान भूल-चूक से हुई गलतियों का पछतावा कर माफी मांगी। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश सिंह बादल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि श्री प्रकाश सिंह बादल जी भारत सके वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन खासकर किसानों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। पंजाब के विकास के प्रति उनका योगदान स्मणनीय है। उनके जन्मदिन पर ढेरों, शुभकामनाएं। अपने लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।

आपको बता दें कि प्रकाश सिंह बादल का जन्म 8 दिसंबर 1927 को मुक्तसर जिले में हुआ था। ढिल्लों जाट समुदाय से आने वाले प्रकाश सिंह बादल ने लाहौर के फोरमैन क्रिश्यिन कॉलेज से अपनी पढ़ाई की। प्रकाश सिंह बादल 20 साल की उम्र में ही राजनीति से जुड़े हुए है। 1947 में जब देश आजाद हुआ, उसी साल प्रकाश सिंह बादल ने राजनीति में कदम रखा। वे शिरोमणि अकाली दल के सदस्य बने।

साल 1957 और 1969 में प्रकाश सिंह बादल ने कांग्रेस ने टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए। 1961 में पहली बार प्रकाश सिंह बादल को पंजाब कैबिनेट में शामिल किया गया। 1970 में प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री बने। 1971 में हुए लोकसभा चुनाव में प्रकाश सिंह बादल ने अपना मुख्यमंत्री पद त्याग दिया। लोकसभा सदस्य रहते हुए उन्हें केंद्र में कृषि और सिंचाई मंत्री बनाया हया। 1977 में प्रकाश सिंह बादल फिर मुख्यमंत्री बने।