दिवाली के बाद दिल्ली में हर तरफ हुआ धुआं-धुआं, सांस लेना तक हुआ मुश्किल

New Delhi: भारत की राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्थिति पर पहुंच गई है। दिवाली पर भारी मात्रा में पटाखों के इस्तमाल से स्थिति बद से बदतर हो गई है। दिल्ली के साथ-साथ आस पास के क्षेत्रों जैसे नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई है। सोमवार सुबह लोधी रोड क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों के अनुसार, PM 2.5 ‘500’ और PM 10 ‘298’ दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के आसमान में धुंध छाई हुई है।

AQI के अनुसार, 0 और 50 के बीच के सूचकांक को “अच्छा”, 51 और 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच “मध्यम”, 201 और 300 के बीच “खराब”, 301 और 400 के बीच “बहुत खराब” और 401 और 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है। “।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता हर साल दिवाली के आसपास खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ-साथ आदेश दिया कि दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखों का इस्तमाल किया जाएगा। इन पटाखों से 30 प्रतिशत कम प्रदूषण होता है।

लेकिन ग्रीन पटाखों के विक्रेताओं और खरीदारों दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। ग्रीन पटाखों में विविधता की कमी, सीमित स्टॉक और उच्च कीमतों के कारण लोगों को ये पसंद नहीं आ रहे। लोगों ने पारंपरिक पटाखे खरीदना और उनका उपयोग करना जारी रखा।

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार, पटाखों से वायु की गुणवत्ता पर सबसे ज्यादा असर सोमवार को सुबह 1-6 बजे से होने की संभावना थी और ऐसा ही हुआ है।

केंद्र द्वारा संचालित सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने संवेदनशील श्रेणी के लोगों को सुबह की सैर और किसी भी अन्य बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी। शहर में सांस के रोगियों के लिए समस्याओं और वयस्कों में खांसी और आंखों में संक्रमण की भी संभावना है।