वायु प्रदूषण ने भारतीयों के जीवन के 2.6 वर्ष छीने

वायु प्रदूषण शरीर के हर हिस्से को पहुंचा रहा है नुकसान,

नई दिल्लीः एक सरकारी संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में खतरनाक वायु प्रदूषण के कारण भारतीयों के जीवन जीने की प्रत्याशा में 2.6 साल की कमी आई है। पर्यावरण संगठन Center for Science and Environment की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि घर के बाहर और भीतर पाया जाने वाला प्रदूषण मिलकर बहुत की जानलेवा बीमारियों का कारण बन रहा है।

भारत में स्वास्थ्य खतरों से होने वाली मौतों में वायु प्रदूषण तीसरे नंबर पर है ये धुम्रपान से ठीक ऊपर है। वायु प्रदूषण बाहरी particulate matter (PM) 2.5, ओजोन और घर के अंदर पाए जाने वाले वायु प्रदूषण से मिलकर बनता है। CSE की रिपोर्ट में कहा गया कि इसके असर के कारण दक्षिण एशियाई और भारतीय लोग जल्दी मर रहे हैं, उनके जीवन प्रत्याशा में 2.6 वर्ष से अधिक की कमी आई है। ये वैश्विक जीवन प्रत्याशा के 20 माह के औसत से कहीं ज्यादा है।

CSE के अनुसार बाहरी particulate matter (PM) के संपर्क में आने के कारण व्यक्ति की जीवन प्रत्याशा में लगभग 1 साल 6 महीने की कमी आई, जबकि घर के अंदर पाए जाने वाले प्रदूषण के कारण 1 साल 2 महीने की कमी आई। इस तरह कुल मिलाकर भारतीयों की जीवन प्रत्याशा में 2.6 वर्ष की कमी आई है।

रिपोर्ट में ये भी बताया जो कि गौर करने योग्य है कि घरेलू वायु प्रदूषण की बाहरी वायु प्रदूषण में लगभग एक चौथाई की हिस्सेदारी है। ये Ultra fine particles (nano आकार के होते हैं) हमारे फेफड़ो से होकर गुजरते हैं और हमारी कोशिकाओं द्वारा ले लिए जाते हैं और शरीर में रक्त प्रवाह के जरिए लगभग शरीर की सभी कोशिकाओं में पहुंचा दिए जाते हैं। नई वैश्विक समीक्षा के अनुसार वायु प्रदूषण हमारे शरीर के सभी अंगों और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। ये सिर से लेकर पैर तक किसी भी तरह से हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, चाहे वो दिल की बीमारी हो, फेफड़ों की, मधुमेह, डिमेंशिया की, दिमाग की, हड्डियों का टूटना, त्वचा का खराब होना हो।