शीतकालीन सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलिय बैठक में उठाया प्रदूषण और मंदी का मुद्दा- संजय सिंह

New Delhi: कल (सोमवार) से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले कार्य योजना पर विचार करने के लिए रविवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक सर्वदलिय बैठक बुलाई। इस बैठक के खत्म होने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मीटिंग में वायु प्रदूषण और देश में चल रहे मंदी के हालातों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को उन्होंने ही उठाया था। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आजाद के अलावा कई दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।

मीटिंग के बाद एएनआई से बात करते हुए, संजय सिंह ने कहा, “आज की बैठक में, मैंने देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के मुद्दे को उठाया है और हम मांग करते हैं कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करने की आवश्यकता है और इस मुद्दे को हल करने की आवश्यकता है।”

उन्होंने आगे कहा “आर्थिक मंदी पर बैठक के दौरान, किसानों की स्थिति, नागरिकता संशोधन विधेयक, और महिला आरक्षण बिल राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए थे और हमने सरकार से यह भी अनुरोध किया था कि अगर वे कोई बिल ला रहे हैं तो कृपया दो दिन पहले राजनीतिक दलों को सूचित करें ताकि सांसदों को इस पर पूरी तैयारी करने का मौका मिल सके।”

टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मंहगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को उठाया। बंद्योपाध्याय ने कहा, हमने, तृणमूल कांग्रेस की ओर से सर्वदलीय बैठक में, हमने स्पष्ट रूप से मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, देश के आर्थिक मुद्दों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस ने बहुत मजबूती से अपनी राय रखी कि उन अविवादित बिलों का विरोध किया जाता है जो विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों दोनों को जल्द से जल्द चर्चा के लिए ले जाने की आवश्यकता है।”

वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने फारूक अब्दुल्ला को लेकर मुखर हुए। उन्होंने कहा नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति दी जाए। फारूक अब्दुल्ला 3 महीने से अधिक समय से नजरबंद हैं। सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने गए कांग्रेस नेता ने सरकार से फारूक अब्दुल्ला के संबंध में अपील की है।