मिशन गगनयान : अंतरिक्ष में भेजने के लिये वायुसेना के पायलटों का किया गया मेडिकल टेस्ट

New Delhi : भारत ने मिशन चंद्रयान 2 की सफलता के बाद अपने नये अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारियाँ शुरू कर दी है। शुक्रवार को गगनयान प्रोग्राम के तहत अंतरिक्ष में भेजने के लिये यात्रियों के चयन प्रक्रिया के पहले चरण को पूरा किया गया है। भारतीय सेना ने बताया गगनयान के लिये इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री के चयन के स्तर -1 को पूरा किया। गगनयान के लिये चुने गए पायलटों का व्यापक शारीरिक व्यायाम परीक्षण, प्रयोगशाला जांच, रेडियोलॉजिकल परीक्षण किया गया।

आपको बता दें चंद्रयान 2 के इतिहास रचने के बाद भारत अंतरिक्ष में यात्रियों को भेजने की तैयारी कर रहा है। इसरो अध्यक्ष के सिवन ने बताया था गगनयान प्रोगाम के तहत तीन क्रू मेंबर श्रीहरिकोटा से लॉन्च के महज 16 मिनट बाद स्पेस में होंगे और वे अंतरिक्ष में करीब सात दिनों तक रहेंगे। पृथ्वी की सतह से करीब 300 से 400 मीटर की ऊंचाई पर गगनयान करीब सात दिनों तक चक्कर लगाएगा। इसके बाद गुजरात के अरब सागर के क्रू मेंबर मॅाड्यूल सहित वापस आ जाएंगे।

गौरतलब है कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने संबोधन में कहा था कि भारत देश साल 2022 तक अंतरिक्ष में भारतीय अंतरिक्षयात्रियों को भेजगा। अगर भारत का यह मिशन कामयाब रहता है तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद इंसान को अंतरिक्ष में भेजने वाला चौथा देश भारत बन जाएगा। वहीं इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि गगनयान मिशन में करीब 10 हजार करोड़ का खर्चा आएगा और इस मिशन के तहत महज 16 मिनट में अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचेगा। वहीं इस मिशन पर जाने वाले क्रू मेम्बर को पृथ्वी पर वापस अरब सागर या फिर बंगाल की खाड़ी में उतर सकते है अथवा अगर जरूरत हुई तो जमीन पर भी उतर सकते हैं।