AIADMK ने दूसरी पुण्यतिथि पर जयललिता को अर्पित की श्रद्धाजंलि, याद कर नेताओं के निकल आए आंसू

New Delhi: तमिल फिल्मों की सुपर स्टार और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की आज दूसरी पुण्यतिथि है। 5 दिसंबर 2016 को जयललिता ने रात 11.30 बजे चेन्नई के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। इस मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी और उप-मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम अनेक एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं के साथ शांति मार्च निकाला। AIADMK के नेता और कार्यकर्ताओं ने जयललिता के मेमोरियल पर श्रद्धांजली अर्पित की।

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24 फरवरी 1948 में मैसूर में जयललिता का जन्म हुआ। उन्होंने 15 साल की उम्र में एक्टिंग करना शुरू कर दिया था। तमिल, तेलुगु और कन्नड़ में 140 से ज्यादा फिल्मों में उन्होंने काम किया। इसके लिए उन्हें फिल्म पट्टीकडा पट्टनामा के लिए 1973 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। इसके बाद वह एम करूणानिधि की पार्टी द्रमुख से टूटने के बाद बनी अन्नाद्रमुक में आ गई। साल 1983 में एमजीआर ने जयललिता को पार्टी का सचिव नियुक्त किया और राज्यसभा के लिए चुना।

1987 में एमजीआर के निधन के बाद जयललिता उभर कर सामने आई। पार्टी की कमान अब उनके हाथ में थी। 1989 में तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की नेता बनने वाली जयललिता पहली महिला थी। साल 1991 में वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के तौर पर चुनीं गई। राजनीति में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता कई कारणों के चलते सुर्खियों में रही। पहली बार 1996 में जब जयललिता को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया, तब उनके पास से साड़ियों, गहनों, जूतियों और मंहही घड़ियों के मिलने की खबर आई थी।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में 27 सितंबर 2014 को बंगलुरू की कोर्ट ने जयललिता को 4 साल की कैद की सजा सुनाई। जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा लेकिन 11 मई 2015 को कर्नाटर की कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया और वह फिर से मुख्यमंत्री बन गई। पार्टी के अंगर और सरकार में रहते हुए जयललिता को आयरन लेडी और तमिलनाडु की मार्गरेट थैचर भी कहा जाता हैं।