अगस्ता वेस्टलैंड केस: रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने की खारिज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने व्यवसायी रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।आपको बता दें कि अगस्ता वैस्टलैंड हेलीकॉप्टर घो’टाले में आ’रोपी मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ भांजे रतुल पुरी की मुसीबतें बढ़ गई है। कुछ दिनों पहले ही दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिज़नेस मैन रतुल पुरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है।

इस मामले पर ईडी के अधिकारियों का कहना है कि रातुल पुरी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे और ना ही किसी सवाल का संतोषजनक जवाब दे रहे थे। जिसके चलते उन्हें गि’रफ्ता’र करने का फैसला किया गया।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत से जांच में सहयोग नहीं करने पर व्यवसायी रतुल पुरी के खिलाफ गैर-ज’मानती वारंट (NBW) जारी करने की मांग की थी। रतुल पुरी ने जो गि’रफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी उसे सीबीआई की एक विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था।

रातुल पुरी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे हैं। उन पर यह आ’रोप है कि उनकी कंपनियों ने हेलीकॉप्टर घोटाले मामले में दुबई से पैसा ट्रांसफर किया था। आपको बता दें पिछले दिनों जब रातुल से ईडी के अधिकारी मामले पर पूछताछ कर रहे थे। इस दौरान रातुल ने बाथरूम जाने की बात कही और वहां से फरा’र हो गया।

रातुल पुरी के फ’रा’र होने के बाद तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिला। उसकोे ढूंढने के लिए ईडी की टीम कनॉट प्लेस पहुंची लेकिन वह नहीं मिले थे जिसके बाद कथित आरो’पी के फरा’र होने के बाद से ईडी के अधिकारियों पर सवाल उठ रहे थे कि आखिर इस तरह की लाप’रवाही क्यों बरती गई। सवाल ये उठता है कि जब ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रहे थे तो फिर बाथरूम जाने के समय कथित आरो’पी रातुल पुरी के साथ किसी सिपाही को क्यों नहीं भेजा गया।

kaushlendra

सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में दिलचस्पी है।गांधी जी का फैन हूँ।समाज में जागरुकता लाना उद्देश्य है।पत्रकारिता मेरा प्रोफेशन है,जुनून है और प्यार भी है।
kaushlendra