अफगानिस्तान ने तालिबान के सामने रखी शर्त : पहले पाकिस्तान से रिश्ते ख़त्म करो फिर छोड़ेंगे क़ैदी

New Delhi : अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मंगलवार को तालिबानी कैदियों की रिहाई के लिए तालिबान के सामने कडीशर्त रख दी है. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान के सामने शर्त रखी है कि अगर वह अपने कैदियों की रिहाई चाहताहै तो उसे अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ रिश्ते खत्म करने होंगे.

नांगरहर प्रांत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गनी ने कहा, अफगान तालिबान अमेरिका से शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने केबाद आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकता है. गनी ने कहा, तालिबान नेताओं ने विदेशियों के साथ शांति समझौता कर लिया है तो अबउनके जिहाद का क्या मतलब हैअफगानी साथियों को मारना एक अपराध है.

उन्होंने कहा, अगर तालिबानियों ने अफगान वार्ता के लिए अपने कैदियों की रिहाई की शर्त रखी है तो हमारी भी कुछ शर्तें हैं, उन्हें मुझे येबताना चाहिए कि वे पाकिस्तान के साथ कब अपने संबंध समाप्त करने जा रहे हैं.

पाकिस्तान लंबे वक्त से तालिबान को संरक्षण प्रदान करता रहा है और उसका तालिबान पर अच्छाखासा प्रभाव है. तालिबान पर अपनेइसी प्रभाव का इस्तेमाल पाकिस्तान भारत के खिलाफ भी करता रहा है. कतर की राजधानी दोहा में 29 फरवरी को हुए शांति समझौते मेंअफगानिस्तान से 14 महीनों के भीतर अमेरिकी सेना की वापसी निर्धारित की गई है.

इस समझौते के तहत तालिबान और काबुल सरकार के बीच भी वार्ता होनी है ताकि 2001 से शुरू हुए सशस्त्र संघर्ष का अंत सुनिश्चितहो सके. तालिबान ने कैदियों की रिहाई के बदले छद्म हमला रोकने पर सहमति दी है वहीं अमेरिका उनके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधोंको भी ख़त्म कर दिया जायेगा।

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