12वीं में कम अंक के कारण नहीं मिला युनिवर्सिटी में एडमिशन, मेहनत कर UPSC में पाई तीसरी रैंक

New Delhi : ये माना जाता है कि यूपीएससी एक भारत की एक कठिन परीक्षा है जिसे पास कर पाना सब के बस की बात नहीं है। जो इस परीक्षा को पास करते हैं उनके बारे में कहा जाता है कि वो बेहद इंटेलिजेंट स्टूडेंट होते हैं। लेकिन आज जिस आईएएस टॉपर की कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं उन्हें कभी उनके सहपाठी फेलियर कह कर चिढ़ाते थे। वो 10सवीं तक कई पेपर में फेल होते रहे और जब 12वीं पास कर कॉलेज में एडमिशन लेने गए तो किसी भी सरकारी युनिवर्सिटी में उन्हें कम नंबर होने के कारण एडमिशन नहीं मिला।

लेकिन जब वो अपने लक्ष्य के प्रति सजग हुए तो उन्होंने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा यूपीएससी को न सिर्फ पास किया बल्कि ऑलओवर तीसरी रेंक लाकर वो आईएएस टॉपर बने। आईए जानते हैं इनकी परीक्षआ रणनीतियों के बारे में।
इनका नाम जुनैद अहमद है। जुनैद ने 2018 की युुपीएससी परीक्षा मे तीसरी रेंक के साथ टॉप किया। वो एक एवरेज स्टूडेंट थे उन्हें कभी 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक किसी भी कक्षा में मिले ही नहीं। यहां तक कि उन्होंने यूपीएससी भी पांचवे प्रयास में क्लियर की। लेकिन जब वो यूपीएससी में तीसरी रेंक लाए तो पूरे देश में उनकी चर्चा हुई। जुनैद बिजनौर के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद शारदा युनिवर्सिटी से इंजीनीयरिंग में ग्रेजुएशन की। आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि जुनैद ने यूपीएससी के अलावा किसी दूसरी सरकारी परीक्षा नहीं दी। उन्होंने ग्रेजुएशन करने के बाद ही सोच लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है इसलिए उन्होंने इसके अलावा कोई दूसरी परीक्षा नहीं दी। जुनैद ने तैयारी के लिए जामिया मिलिया की रेज़िडेंशियल कोचिंग भी ज्वॉइन कर ली जो खासकर यूपीएससी के एस्पिरेंट्स के लिए चलायी जाती है। यहां पढ़ाई से लेकर रहना खाना सब मुफ्त होता है। जुनैद अपनी तैयारी में इसे अहम मानते हैं।
2018 में परीक्षा को टॉप करने से पहले वो 2017 की परीक्षा पास कर चुके थे। इसमें उन्हें 352वीं रेंक मिली थी। रेंक अच्छी न होने के कारण उन्हें आईआरएस के लिए संतुष्ट होना पड़ा लेकिन उन्होंने फिर तैयारी की और वो टॉपर बने। अपनी सफलता के पीछे की स्ट्रेटजी के बारे में बताते हुए वो कहते हैं कि IAS की तैयारी के लिए पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र बहुत महत्वपूर्ण होते हैं वे तैयारी को दिशा प्रदान करते हैं और साथ ही उम्मीदवार परीक्षा की मांग को समझ सकते हैं। जुनैद ने जोर देकर कहते हैं कि यूपीएससी आईएएस के सिलेबस में दिए गए विषयों पर केवल एक आम आदमी की समझ की मांग करता है। लेकिन सभी विषयों के विशेषज्ञ बनने के लिए IAS उम्मीदवारों की एक आम आदत बन जाती है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को इस आदत से बचना चाहिए। विशेषज्ञ बनने की आदत में, उम्मीदवार एक ही विषय पर ऊर्जा और समय बर्बाद करते हैं।

वो सला देते हैं कि उम्मीदवारों को आईएएस परीक्षा को एक के रूप में देखना चाहिए और एक एकीकृत दृष्टिकोण रखना चाहिए। IAS परीक्षा के सभी चरण आपस में जुड़े होते हैं और उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के अनुसार योजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को परीक्षा की मांग के अनुसार अपनी तैयारी को और भी मजबूत बनाना चाहिए। प्रीलिम्स के लिए, उम्मीदवारों को विषय से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी के लिए ज्यादा जोर देना चाहिए, लेकिन मेन्स के लिए लेखन अधिक महत्वपूर्ण है।

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