फ़र्ज़ी मतदान रोकने की मुहिम : आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ने का काम शुरू

New Delhi : वोटर आईडी कार्ड को आधार से जोड़ने पर कानून मंत्रालय काम कर रहा है। चुनाव आयोग के इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए मंत्रालय ने तैयारी शुरू कर दी है। वोटर आईडी से आधार कार्ड को लिंक करने के लिए आधार ऐक्ट औररिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल ऐक्ट में बदलाव करना होगा। दिसंबर में मंत्रालय और चुनाव आयोग के बीच हुई चर्चा में डेटा लीक हो और डेटा सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई ताकि किसी अवैध यूजर के हाथ डेटा नहीं लगे।

बजट सत्र में पेश किया जा सकता है बिल लेटेस्ट कॉमेंट बहुत अच्छा है अब फर्जी वोटर्स पर रोक लगेगी। वोटिग के लिये आधार linked finger reader अनिवार्य करे इससे फर्जी वोटिग पर रोक लगेगी।

एक रिपोर्ट के अनुसार, कानून मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस बार बजट सत्र में बिल पेश किया जा सकता है। चुनावआयोग के आधार कार्ड को वोटर आईडी कार्ड से जोड़ने जिसमें नए वोटरों के साथ पुराने सभी वोटर्स को भी शामिल किया जाएगा ताकिचुनाव भूमिकाओं में इसका प्रयोग

किया जा सके।

चुनाव आयोग ने प्रस्ताव मंत्रालय को भजेने की पुष्टि की

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, यह सच है कि कानून मंत्रालय नें सितंबर में हमें वोटर डेटा कोसुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा उपाय के बारे में जानकारी मांगी थी। हमने प्रस्तावर तैयार कर दिसंबर में मंत्रालय को भेजा था, लेकिनअभी तक मंत्रालय की ओर से कोई और सूचना नहीं मिली है।

कानून मंत्रालय ने भी की पुष्टि

कानून मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रालय जल्द ही चुनाव कानून में बदलाव कर कर सकता है। मंत्रालय केएक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए ऐक्शन लिया जा चुका है