रॉबर्ड वाड्रा के दफ्तरों पर छापा, सिंघवी बोले- संविधान को ताक पर मोदी सरकार कर रही हिटलरशाही

New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय ने 7  दिसंबर यानी कल कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ड वाड्रा के सहयोगियों के ठिकाने पर छापेमारी की। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 5 राज्यों में अपनी निश्चित हार से घबराई बीजेपी अब बदला लेने की राजनीति पर उतर आई है। नियम कानून और संविधान को ताक पर रखकर मोदी सरकार अपनी हिटलरशाही पर उतारु है।

सिंघवी ने कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का इस प्रकार का राजनीतिक दुरुपयोग भारत के इतिहास में इससे पहले कभी नहीं देखा गया उन्होंने कहा कि कल सुबह से आज सुबह तक 24 घंन्टे में रॉबर्ट वाड्रा के ऑफिस, मनोज अरोड़ा, उनकी बहन और उनके संबंधी के घर पर छापा मारा गया, लोगों को हिरासत में रखा गया है। सिंघवी ने आगे कहा कि 56 इंच, अपना नाम, फ़ोटो, वाहवाही के चक्कर में पड़े शहंशाह को अब आईना दिखाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ये सरकार जानती है कि उनका भ्रष्टाचार विरोधी मुखौटा पूरी तरह भंग हो चुका है, इसी का नतीजा है कि हर दिन नया कीचड़ उछाला जा रहा है। ईडी के मामले में राबर्ट वाड्रा को आज तक कोई ईसीआर नहीं मिली है। वहीं प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि देश संविधान और कानून से चलता है किसी के हांकने से नहीं चलता इस बात को सभी अफसरों को समझ लेना चाहिए।

Abhishek Manu Singhvi

वहीं वकील सुमन ज्योति खैतान ने दावा किया कि ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के सहयोगियों के ठिकानों पर बिना सर्च वारंट दिखाए छापा मारा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और वकील को भी अंदर नहीं आने दिया। खैतान ने कहा कि क्या यही कानून है। वाड्रा के ठिकानों पर उस समय छापा पड़ा है जब पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग हो चुकी है और एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ईडी के पास सबूत है कि जिन लोगों पर छापा मारा जा रहा है उन्हें डिफेंस आपूर्तिकर्ताओं से बैंक के जरिए पैसा मिला था। इससे पहले ईडी बीकानेर लैंड डील मामले में रॉबर्ड वाड्रा के खिलाफ समन जारी कर चुका है और पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।