कर्ज से प’रेशान राजस्थान एक शख्स ने इंश्योरेंस के लिए रची खुद की ह’त्या की सा’जिश

New Delhi: पैसे क्या किसी की जान से ज्यादा कीमती होता है सच कहूं तो नहीं लेकिन कई बार जिंदगी इंसान के आगे कुछ ऐसे हालात बुन देती है कि इंसान को ना चाहते हुए भी जान के आगे पैसों को तवज्जों देनी पड़ जाती है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के ​भीलवाड़ा से सामने आ रहा है जहां पर एक शख्स ने इंश्योरेंस की रकम पाने के लिए खुद के म’र्डर की ही सा’जिश रच डाली।

ये मामला भीलवाड़ा के मंगरोप गांव का है, पिछले हफ्ते बलबीर नाम के इस शख्स की बॉडी तारों से बंधी हुई​ मिली थी। गला घों’ट कर इस शख्स को मौ’त के घा’ट उतारा गया था। पुलिस का दावा है कि इस शख्स ने खुद अपने म’र्डर की सा’जिश रची थी। क’थित तौर पर इस शख्स ने ऐसा इसलिए​ किया ताकि इसका परिवार इसके नाम से 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस का क्लेम कर सके।

इस काम को करने के लिए इस शख्स ने दो लोगों को 80,000 रुपये भी दिए। बलबीर ने सु​नील यादव से संपर्क किया और उसने एक दूसरे शख्स सुनील को भी अपने साथ लगा लिया। फिर इन दोनों ने मिलकर सुनील का गला घों’टा।बलबीर म’र्डर वाले दिन से पहले सुनील को उस जगह पर भी लेकर गया जहां पर वो इस अ’पराध को अंजाम देना चाहता था। पु’लिस ने दोनों आ’रोपियों को गि’रफ्तार कर लिया है।

पु’लिस की जांच में पता चला है कि बलबीर ने लोगों से 20 लाख रुपये उधार लिए थे और आगे भारी ब्याज पर पैसे उधार दिए थे। जिसके बाद से वो काफी त’नाव में था क्योंकि पिछले छह महीनों से उसे ब्याज या मूल राशि नहीं मिली थी। अपने हालातों से नि’राश होकर उसने अपने नाम से 50 लाख रुपये का पर्सनल ए’क्सीडेंटल इंश्योरेंस ले लिया। इसके लिए उसने 8,43,200 रुपये का प्रीमियम भी दिया।

फिर उसने खुद को मा’रने की सा’जिश रची ताकि उसका परिवार इंश्योरेंस का दावा कर सके। बलबीर अपने परिवार को कर्जदारों से प’रेशान होने से बचाना चाहता था। ताकि परिवार आराम की ज़िंदगी जीने के लिए बाकी के पैसों का इस्तेमाल कर सके। हालांकि बलबीर के परिवार ने इंश्योरेंस के लिए किसी भी सा’जिश से साफ इंकार किया है।