MP: मवेशी तस्क’री का आरोप लगा भीड़ ने एक आदमी की कर दी पि’टाई

NEW DELHI: देश में लगभग रोज ही मॉब लिं’चिंग के मामले देखने को मिल रहे हैं। नया मामला Madhya Pradesh के जबलपुर से सामने आया है जहां भीड़ ने एक आदमी की पि’टाई कर दी।

जबलपुर के कटनी में मवेशी की तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को लोगों की एक भीड़ ने पी’ट दिया। मामले में 30 मवेशियों से भड़े एक ट्रक को जब्त और एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है।

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वहां के ASP Sandeep Mishra ने कहा -’30 मवेशियों को ले जाने वाले ट्रक को पुलिस कर्मियों ने जब्त कर लिया है। एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है। हम पूरी जाँच करेंगे और कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

आपको बता दें बीते शुक्रवार को ही बिहार में मवेशी चोरी के संदेह में स्थानीय लोगों ने तीन लोगों को कथित तौर पर पी’ट-पी’टकर मा’र डाला था। इस मामले में एफआईआर द’र्ज कर पुलिस ने अब तक सात लोगों को गि’रफ्तार कर लिया है। श’वों को पोस्ट’मॉ’र्टम के लिए भेजकर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

UP सरकार ने उठाया है गंभीर कदम-

मॉब लिं’चिंग की घ’टनाओ पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर प्रदेश विधि आयोग ने एक विधेयक पेश किया है। इस विधेयक के अंतर्गत ऐसे मा’मलों में अप’राधियों के लिए उम्र कै’द तक की स’जा के प्रावधान की सिफारिश की गई है।  

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ए.एन. मित्तल ने 10 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ड्राफ्ट बिल के साथ-साथ मॉब लिं’चिंग पर एक रिपोर्ट सौंपी। 128-पृष्ठ की रिपोर्ट ने राज्य में लिं’चिंग के विभिन्न मा’मलों का हवाला दिया और 2018 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार एक कानून को तत्काल लागू करने की सिफारिश की।

आयोग ने कहा कि लिंचिंग से निपटने के लिए मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं और इस बात पर जोर दिया गया है कि इससे निपटने के लिए एक अलग कानून होना चाहिए। इसमें अप’राध के लिए सात साल से लेकर उम्रकै’द तक की स’जा का सुझाव दिया गया है। यह सुझाव देते हुए कि इस तरह के कानून को उत्तर प्रदेश कॉम्बिंग ऑफ मॉब लिं’चिंग एक्ट कहा जा सकता है।

आयोग ने पुलिस अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा उनके कर्तव्य में विफल रहने के लिए स’जा की भी मांग की है। पैनल ने कहा कि कानून में पी’ड़ित व्यक्ति के परिवार को मुआवजा या जान-माल के नुकसा’न की भरपाई का प्रावधान होना चाहिए।

इसमें कहा गया है कि पी’ड़ितों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रावधान होना चाहिए। 2012 से 2019 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में भीड़ हिं’सा की 50 घ’टनाएं हुई हैं। लगभग 50 पी’ड़ितों में से 11 की मौ’त हो गई।

विधि आयोग की सचिव सपना त्रिपाठी ने 11 जुलाई को पीटीआई को बताया, “आयोग ने स्थिति का अध्ययन किया और तदनुसार राज्य सरकार को एक व्यापक कानून की आवश्यकता की सिफारिश की।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल मणिपुर ने लिं’चिंग के खिलाफ एक विशेष कानून बनाया है और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही इसे लागू करने जा रही है।