भाई हो तो ऐसा- भाई ने लीवर देकर बचाई बहन की जान, लीवर की दुर्लभ बीमारी से जू’झ रही थी

New Delhi: अभी चंद दिनों पहले ही रक्षाबंधन का पावन पर्व गया है लेकिन इस त्योहार के असल मायने क्या है ये एक भाई ने साबित कर दिए। कर्नाटक के हसन जिले के होलेनारसीपुरा की एक 18 वर्षीय लड़की जो कि ​लीवर की एक बहुत ही जानलेवा बीमारी से पीड़ित थी लेकिन उसके भाई ने उसको एक नया जीवन दान दे दिया। इसके लिए उसके भाई ने अपना एक लीवर अपनी बहन को दे दिया।

सांभरमा को लगातार पेट में द’र्द और उल्टी की परेशानी थी बाद में उसे पीलिया भी हो गया। जब कई अस्पतालों में उसकी बीमारी का इलाज नहीं हो सकता तो 16 अप्रैल को उसे हसन के अपोलो अस्पताल में लाया गया। तब जाकर उसके लीवर में जमा हो रहे तांबे के बारे में पता चला, जिससे उसके शरीर में तांबे का ज’हर फैल गया। ये एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी है।

जब उसका भाई अपना लीवर डोनेट करने के लिए आगे आया तो अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों को इस बात का ड’र था कि कहीं उसे भी तो ये बीमारी नहीं, पर अच्छा ये रहा कि वो उस बीमारी से पीड़ित नहीं था।

बाद में 19 अप्रैल के दिन लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। डॉक्टरों ने कहा कि अगर इस मामले में उसका भाई आगे नहीं आता तो उकसे लिए लीवर ढ़ूढना बहुत ही मुश्किल होता। लेकिन उसकी हालात बहुत ही नाजुक थी वो 5 दिनों के लिए बेहोश थी।

6 डॉक्टरों की टीम ने इस मुश्किल ऑपरेशन को अंजाम दिया। जब इस ऑपरेशन का खर्च खेती-बाड़ी करने वाले परिवार की पहुंच से बाहर चला ​गया तो डॉक्टरों ने उनकी मदद ही। लीवर ट्रांसप्लांट की सर्जरी में 18 से 25 लाख से ज्यादा का खर्च आता है ये मरीज की स्थिति की जटिलता पर निर्भर करता है।

बीमारी के बारे में एक डॉक्टर का कहना है कि जो कॉपर हमारे शरीर में दाखिल होता है वो हमारे शरीर के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी होता है। इसे लीवर में पचा लिया जाता है लेकिन जब हमारा लीवर ऐसा करने में असफल रहता है तो ये शरीर में जमा होना शुरू हो जाता है । उस लड़की के मामले में ये जमा उसकी आंखों और यहां तक की दिमाग में भी जमा होने लगा था।