9 माह की गर्भवती ने 350 किमी यात्रा कर दिया था इंटरव्यू, JPSC में परचम लहराया

New Delhi : झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली प्रियंका ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में कामयाबी का आसमान छू लिया है। इस प्रतियोगी परीक्षा के इंटरव्यू के समय प्रियंका नौ माह की गर्भवती थी। डाक्टरों ने उसे घर से निकलने तक से मना किया था लंबी यात्रा की दूरी तो दूर की बात। जब डॉक्टर ने यात्रा करने की सलाह नहीं दी तब वह अपने जज्बा और जुनून के दम पर जमुई से रांची तक की 350 किमी की लंबी यात्रा कर JPSC की इंटरव्यू में शामिल हुईं। 25 फरवरी को वह साक्षात्कार में शामिल हुईं। इसके एक सप्ताह बाद ही दो मार्च को उन्होंने पुत्र को जन्म दिया। साथ ही इसके डेढ़ माह बाद 22 अप्रैल को जेपीएससी में 26 वें रैंक में सफलता मिली। वह शिवदयाल नगर के रहने वाले स्व सीता शरण सिंह और मालती लता सिंह की बहू हैं। सास का पढ़ाई करने के लिए विशेष प्रेरणा मिली है। इस तरह प्रियंका को इस परीक्षा के परिणाम के साथ दोहरी खुशी मिली है।

JPSC एकसाथ क्रैक करनेवाले दंपत्ति

प्रियंका के पति भी बिहार में बीडीओ हैं। प्रिंयका प्रियदर्शी ने हजारीबाग के संत कोलम्बा महाविद्यालय से स्नातक और स्नातकोतर विनोबा भावे विश्वविद्यालय से जंतु विज्ञान से किया। प्रियंका का मायका गया जिले का वजीरगंज है। छठी राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में कुल 143 परीक्षार्थियों को सफलता मिली है। जिसमें अनारक्षित सफल परीक्षार्थियों की संख्या 86 है। इधर झारखंड प्रशासनिक सेवा में मजदूर की बेटी ने फर्स्ट आकर झंडा गाड़ दिया। गजब तो यह हुआ कि उसके साथ उसके पति ने भी प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास कर ली और उनको भी 32वां रैंक हासिल हुआ। उनके पति रांची के एक थाने में बतौर सब-इंस्पेक्टर तैनात थे। पहला रैंक लाकर पूरे परिवार और ससुराल का नाम रोशन करनेवाली सुमन ने कहा – हम दोनों ने आपसी सामंजस्य से परीक्षा की तैयारी की और इसका परिणाम अब सबके सामने है। सुमन भी वर्तमान में पोस्टल डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं।
झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के बादम पंचायत निवासी बेनी महतो के सबसे छोटे बेटे गौतम कुमार के लिए छठी जेपीएससी रिजल्ट दोहरी खुशी लेकर आई है। पहले प्रयास में गौतम खुद तो सफल हुए ही हैं उनकी पत्नी सुमन गुप्ता को भी सफलता मिली है। दोनों प्रशासनिक सेवा श्रेणी में सफल रहे हैं। वर्तमान में गौतम रांची में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और उनकी पत्नी हजारीबाग पोस्ट ऑफिस में पोस्टल असिस्टेंट के रूप में कार्य कर रही है।

सुमन अपने पति के साथ

गौतम की पत्नी सुमन गुप्ता ने राज्य में पहला रैंक हासिल किया है। वहीं पति गौतम कुमार ने 32वां रैंक हासिल किया है। दोनों ने बताया कि वे मिलकर जेपीएससी की तैयारी कर रहे थे। दो साल पहले दोनों की शादी हुई। गौतम कुमार के पिता बेनी महतो पेशे से किसान हैं। गौतम के भाई जागो महतो वर्तमान में गढ़वा में बीडीओ है। गौतम कुमार ने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करने पर कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है।
सुमन गुप्ता ने कहा कि हम दोनों का आपसी सामंजस्य और गौतम के भाई जागो महतो एवं मुरली दांगी का परामर्श सफलता का कारण है। उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी बहुत कारगर होता है। यदि विषयों को ठीक से समझ लिया जाये तो प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करना आसान है। परीक्षार्थी सिलेबस और विषयों को ठीक से नहीं समझ पाते हैं, जिस कारण उन्हें परेशानी होती है। हमलोगों ने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। हमदोनों ने एक दूसरे से डिस्कशन कर आत्मविश्वास जगाया।

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