PAK से प्रता’ड़ित होकर आए 8 लोगों को मिली भारतीय नागरिकता, बोले- अब जाकर सुकून मिला

New Delhi: पाकिस्तान के सिंध से 2000 में आकर कोटा में रह रहे 8 लोगों को सोमवार को भारतीय नागरिकता मिली। कलेक्टर ओम कसेरा ने जब इन लोगों को भारतीय नागरिकता का सर्टिफिकेट सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सर्टिफिकेट मिलने के बाद सभी बोले कि बहुत तकलीफें सही हैं। अब हमें भी गर्व हैं कि हम भी भारत के नागरिक हैं।

जिन लोगों को नागरिकता मिली है उनमें गुरुदासमल, विद्याकुमारी, आईलमल, सुशीलन बाई, रुकमणी, नरेशे कुमार, सेवक, काेशलन बाई हैं। इन सभी ने पिछले दिनों नागरिकता के लिए आवेदन किया था। दस्तावेजों की जांच के बाद नागरिकता दी गई।

सिंध से गुरुदासमल ने बताया कि वे परिजन के साथ पाक के सिंध प्रांत में रहा करते थे। वहां उन्हें बहुत प्रता’ड़ित किया जाता था। काम नहीं करने दिया जाता था। इससे परेशान हाेकर वह 2000 में कोटा आ गए थे। भारतीय नागरिकता मिलने के बाद अब जाकर सकून मिला है।

विद्याकुमारी ने कहा कि सिंध से कोटा आए तो यहां से जाने का मन हीं नहीं हुआ। सरकार ने हमारी सुन ली। इस बात की बहुत खुशी है। वहीं, भारतीय नागरिकता पाए सेवक ने कहा कि सिंध में बहुत उत्पी’ड़न सहा, सुविधाएं कुछ नहीं, केवल परेशानी ही परेशानी। नागरिकता देने के लिए सरकार का आभार।

वहीं, सुदामल ने बताया कि उनके दादा आसरदास सिंध से 1950 में कोटा आए थे, और यहीं बस गए। उनके बेटे सिंध में ही रह गए। वहां लोग उन्हें परेशान करने लगे तो 2000 में कोटा आ गए। अभी 8 लोगों को नागरिकता मिली है, 5 बाकी है। 42 साल की आईमल और 45 साल के नरेश ने कहा कि हम पाकिस्तान में काफी प्रता’ड़ित हुए। इसके बाद भारत में शरण ली, हमारा सपना साकार हुआ, इस दिन को हम कभी नहीं भूल पाएंगे।