चमकी बुखार से लड़ने के लिए केंद्र सरकार सख्त,एडवांस एम्बुलेंस तैनात,विशेषज्ञों की टीम रवाना

NEW DELHI: केंद्र सरकार ने बिहार के विभिन्न इंसेफलाइटिस से जूझ रहे जिलों में 8 अतिरिक्त एडवांस लाइफ सपोर्ट(ALS) एम्बुलेंस भेजे हैं। इसके अलावा घर घर जाकर बिमारी से जूझ रहे बच्चों को देखना और जागरूकता फैलाने की मुहीम भी शुरू हो चुकी है। इन सब की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने दी।

इन एडवांस एम्बुलेंस का इस्तेमाल इंसेफलाइटिस से जूझ रहे मरीज़ों के अस्पताल आने जाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा इंडियन कॉउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च(ICMR) की टीम को मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल अस्पताल रवाना कर दिया गया है। एएनआई ने स्वस्थ्य मंत्री के हवाले से ट्वीट कर बताया।

हर्ष वर्धन ने कहा, “एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) / जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) से प्रभावित जिलों में रोगियों के परिवहन के लिए 8 अतिरिक्त उन्नत जीवन समर्थन (एएलएस) एंबुलेंस तैनात किये गए हैं। घर घर जाकर बिमारी और मरीज़ों की जांच पड़ताल भी की जा रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “आईसीएमआर के विशेषज्ञों की टीम को जल्द से जल्द वायरोलॉजी लैब का संचालन करने के लिए एसकेएमसीएच अस्पताल, मुजफ्फरपुर में तैनात किया गया है। पहले से तैनात मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम 2019 में भर्ती और उपचारित एईएस रोगियों के सभी केस रिकॉर्ड्स की समीक्षा कर रही है। ”

 

बता दें कि बिहार में इंसेफलाइटिस यानी चमकी बुखार से म’रने वालों का आंकड़ा 150 से भी ज्यादा हो चुके है। मुजफ्फरपुर में इस चमकी बिहार से हर साल मौ’तें होती है। इसपर अस्पताल के अधीक्षक सुनील शाही ने कहा है कि नेताओं को अस्पताल की जगह बिमारी से ग्रस्त इलाकों का दौरा करना चाहिए और जागरूकता फैलानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई:
मुजफ्फरपुर में इंसेफलाइटिस से लगातार हो रही मौ’तों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गयी है। इस जनहित याचिका में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, बिहार हेल्थ मिन मंगल पांडे, एमओएस हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मंत्री अश्विनी चौबे का नाम भी शामिल है। इस PIL की सुनवाई 26 जून को होगी।