विश्व में 88 लाख लोगों की हर साल जान ले रहा है वायु प्रदूषण

90% से अधिक जनसंख्या जहरीली हवा का दंश झेल रही

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक वायु प्रदूषण हर साल दुनिया भर में लगभग 88 लाख लोगों की जान लेता है जो पहले के अनुमान से दोगुनी है। इतनी ज्यादा मौतें इसे धूम्रपान के सेवन से भी ज्यादा खतरनाक बनाती हैं। वायु प्रदूषण जिस तरह से दुनिया की आबादी को प्रभावित कर रहा है उसकी गिनती कर पाना भी संभव नहीं है।

‘Air Pollution and Noncommunicable Diseases’  के शीर्षक वाली रिपोर्ट विस्तार से कुछ तरीकों पर बताती है। उसमें ये भी निकल कर सामने आया है कि दूषित हवा के संपर्क में आने से हमारे शरीर का हर अंग प्रभावित होता है व उस स्थिति में सुधार के लिए कुछ करने की सख्त जरूरत की तरफ भी संकेत करती है।

Journal Chest  में रिपोर्ट किए गए इस अध्ययन में इस बात का जिक्र किया गया है कि वायु प्रदूषण तेजी से श्वसन और दिल की बीमारी के खतरों को तो बढ़ाता ही है साथ ही शरीर के हर एक अंग को प्रभावित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक “public health emergency” कहा है जिसमें विश्व की 90%से अधिक जनसंख्या जहरीली हवा को झेल रही है।

दूषित हवा इन तरीकों से शरीर के अंगों को प्रभावित करती है-

फेफड़े और दिल- इस बात के काफी सबूत हैं जो ये साबित करती है कि वायु प्रदूषण और श्वास से संबंधित दिक्कतों में सीधा संबंध है जैसे कि अस्थमा, फेफड़े का कैंसर। वर्तमान अध्ययन इन खतरों में दिल के दौरे की बड़ी संभावना भी जोड़ता है जो कि मांसपेशियों के कमजोर होने और धमनियों के सिकुड़ने से होता है।

दिमाग- वायु प्रदूषण से स्ट्रोक, डिमेंशिया, खराब नींद आना और बुद्धि पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

पेट की बीमारियां- इस शोध में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि वायु प्रदूषण से पेट की बहुत ही जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है जैसे आंत व मूत्राशय का कैंसर।

प्रजनन- दुनिया में आने वाले बच्चे पर भी प्रदूषण का बेहद नकारात्मक असर होता है, इससे गर्भपात होने का खतरा कहीं गुणा बढ़ जाता है। ये ही नहीं दूषित हवा के संपर्क में आने स बच्चे के कम वजन, बचपन में मोटापा, मानसिक स्वास्थ्य आदि का खतरा रहता है।

जो लोग पहले से ही किसी और बीमारी से पीड़ित हैं या जिनको समाज में सहयोग कम मिला है उन पर वायु प्रदूषण और भी ज्यादा घातक साबित हो सकता है।