महज 20 रूपये की चोरी के 41 साल पुराने मुकदमे में आरोपी से वचन लेकर मजिस्ट्रेट ने किया मुकदमा बंद

New Delhi: हर दिन देश भर में बहुत से मुकदमें दर्ज किए जाते हैं, परन्तु ग्वालियर की एक लोक अदालत में एक ऐसा मुकदमा सामने आया है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते। ग्वालियर की इस लोक अदालत में एक व्यक्ति के खिलाफ महज 20 रूपये की चोरी का मुकदमा चल रहा था। आरोपी को केस से राहत मिली है और उसे छोड दिया गया है।

अदालत के एक अधिकारी ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अनिल कुमार नामदेव ने भविष्य में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त नहीं होने का वचन लेने के बाद आरोपी इस्माइल खान को आरोप से मुक्त कर दिया।

शिकायतकर्ता बाबूलाल, जो अब 61 साल के हैं, ने कहा कि इस्माइल खान जो अब 68 वर्ष के हैं, ने 1978 में उसकी जेब से 20 रुपये चुरा लिए थे। उस समय वह बस टिकट खरीदने के लिए खड़े थे।

उन्होंने कहा,  “मैंने 1978 में खान के खिलाफ मामला दर्ज किया और कुछ महीनों बाद खान को जमानत पर रिहा कर दिया गया। वह अदालत में सुनवाई के लिए आया करता था, लेकिन उसने 2004 से आना बंद कर दिया। इसके बाद उसके खिलाफ एक वारंट जारी किया गया था और उसे अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया गया था। खान पिछले तीन महीनों से जेल में था। ”

बाबूलाल ने कहा, “खान का कोई परिवार नहीं है और उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उसके पास अपनी जमानत के लिए आवेदन दायर करने के लिए कोई पैसा नहीं था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) ने लोक अदालत में सुनवाई के लिए हम दोनों को बुलाया और उसको आगे कोई गैर कानूनी काम न करने का वचन लेकर रिहा कर दिया। ”