32 साल पहले जिस बंगले पर अक्षय को चौकीदार ने फोटोशूट नहीं करने दिया, आज वहीं है उनका बंगला

New Delhi : अक्षय आज जिस इंडस्ट्री के खिलाड़ी हैं वहां तक का सफर उनके लिए आसान हीं रहा। यहां पहुंचने के लिए उनका कोई गॉडफादर नहीं रहा वो अपनी मेहनत और एक्टिंग के प्रति अपने जुनून के दम पर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने अपने जीवन में वेटर, रसोइया, सेल्समैन और मार्शल आर्ट्स ट्रेनर तक की नौकरी की। 12वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ काम की तलाश में अकेले शहर दर शहर भटकने वाला लड़का आज बॉलीवुड में सबसे ज्यादा पेड एक्टर में शुमार है। लेकिन अभिनय की दुनिया में अपना नाम बनाने से पहले जब वो काम की तलाश में मुंबई आए तो उनके पास घर तक नहीं था।

अक्षय कुमार ने एक वीडियो जारी कर खुद बताया कि कैसे उन्हें एक बंगले के चौकीदार ने भगा दिया था जब वो वहां फोटो शूट करने पहुंचे थे। सफल होने के बाद अक्षय कुमार ने उसी बंगले को खरीदा और आज वो यहीं रहते हैं। संघर्ष और मेहनत के दम पर इतने बड़े मुकाम पर पहुंचे सबके चहेते अक्षय कुमार का आज जन्मदिन है। इस मौके पर उनके संघर्ष से जुड़े कुछ किस्से पढ़िए।
अक्षय कुमार का असली नाम राजीव हरिओम भाटिया है। उनका जन्म तो पंजाब में हुआ लेकिन दिल्ली के चांदनी चौक में उन्होंने अपना बचपन बिताया। वे मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेकर जब बेंगकोक से वापिस आए तो तो वो मुंबई पहुंचे और बच्चों को मार्शल आर्ट्स सिखाने लगे। यहीं से उनके एक स्टूडेंट ने उन्हें मॉडलिंग में एंट्री दिलाई। इसी दौरान जिस फोटोग्राफर के पास वो नौकरी करते थे उससे वेतन के बदले खुद अपना फोटो शूट करवाने को कहा तो फोटो ग्राफर तैयार हो गया। उन्होंने इसके लिए मुंबई स्थिति जुहू के एक बंगले को चुना। लेकिन जब वो यहां पहुंचे तो बंगले के चौकीदार ने उन्हें यहां से भगा दिया और आज 32 सालों बाद अक्षय कुमार न सिर्फ उस बंगले के मालिक हैं बल्कि वो यहां रहते भी हैं।

अक्षय कुमार अपने बारे में बताते हुए कहते हैं कि एक बार उनके पिता ने गुस्से से उन्हें डांट दिया और कहा नालायक पता नहीं जिंदगी में क्या करेगा। अक्षय ने उस समय बिना सोचे बोला- देखना एक दिन मैं हीरो बनूंगा। इस घटना को बताते हुए वो कहते हैं कहा तो मैंने मजाक में था लेकिन वही मेरी तकदीर बन गई। अक्षय कुमार ने बॉलीवुड में अभिनय की शुरूआत 1991 की फ़िल्म सौगंध से की, जो फ्लॉप रही। उनकी पहली हिट 1992 की थ्रिलर फ़िल्म खिलाड़ी थी। यही वो फिल्म थी जिसने जीवन के खिलाड़ी को बॉलीवुड में खिलाड़ी बनने का रास्ता दिखाया। 1993 का वर्ष उनके लिए अच्छा नहीं रहा क्योंकि उनकी अधिकतर फ़िल्म फ्लॉप हो गई। फ़िर भी, 1994 का वर्ष कुमार के लिए बेहतरीन वर्ष रहा जिसमें खिलाड़ी के साथ मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी और मोहरा जो साल का सर्वाधिक सफल फिल्मों में से था। आज वो अलग-अलग भाषाओं में छोटी बड़ी 130 फिल्में कर चुके हैं।

उनकी फेमस फिल्मों की लिस्ट यहां हम दे रहे हैं।– 1994 – मै खिलाडी तू अनाड़ी 1995 – सबसे बड़ा खिलाडी 1997 – मिस्टर & मिसेस खिलाडी 1999 – इंटरनेशनल खिलाडी 2000 – खिलाडी 420 2003 – अंदाज़ 2005-हेरा फेरी 2005 – गरम मसाला 2007 – नमस्ते लंदन 2007 – वेलकम 2008 – सिंह इज किंग 2010 – हाउसफुल 2012 – रावडी राठोड 2012 – खिलाडी 786 2013 – वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा 2014 – हॉलिडे 2014 – एंटरटेनमेंट 2015 – बेबी 2015 – गब्बर इज बैक 2015 – ब्रदर 2015 – सिंह इज ब्लिंग 2016 -रुस्तम 2017 – जॉली एलएलबी 2017 – नाम शबाना 2017 – टॉयलेट: एक प्रेम कथा 2018- रोबोट 2.0 2018- पैडमैन ‎ 2019- मिशन मंगल‎ 2019- केसरी, हाउसफुल 4।

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