कारगिल के हीरो जोशी फिर पहुंचे लद्दाख, सुखोई-मिराज की उड़ानें बढ़ाईं, 2 अतिरिक्त टुकडि्यां तैनात

New Delhi : उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी मंगलवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बढ़ते तनाव के बीच स्थिति की समीक्षा करने के लिए लद्दाख पहुंचे। इस तनाव ने भारतीय सेना को क्षेत्र में दो अतिरिक्त डिवीजन स्ट्रेंथ स्थानांतरित करने के लिए मजबूर कर दिया है ताकि हम चीन के मुकाबले में बराबर की हैसियत में हों। सूत्रों ने कहा – पिछले कुछ हफ्तों में स्थानांतरित किये गये अधिकांश सैनिकों ने अपने एक्लेमेटाइजेशन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है और गालवान घाटी, बड़ा हॉट स्प्रिंग एरिया और पैंगोंग झील के फिंगर एरिया के साथ चीनी बिल्ड-अप का मुकाबला करने के लिए तैनात कर दिये गये हैं।

कम से कम तीन अलग-अलग स्थानों से लद्दाख में स्थानांतरित किये गये ब्रिगेड में टैंकरों के अलावा भारी गोला बारूद है। जरूरी हथियार और साजो समान भी है। जबकि लद्दाख की देखरेख करने वाले सेना प्रभाग 14 कोर के पास पहले से पर्याप्त टैंक और हथियारों के भंडार हैं। पर्याप्त रूप से सशस्त्र हैं। बहरहाल बड़े भंडार बनाने और आगे की तैनाती के लिए अधिक सैनिकों को लाया गया है।
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने भी लद्दाख में सुखोई और मिराज के साथ अपनी उड़ान बढ़ा दी हैं, क्योंकि चीन ने अपनी तरफ से उड़ान बढ़ा दी है। इसे मिरर डिप्लॉययमेंट कहते हैं, बराबरी का दमखम। चूंकि चीनी सैनिकों का जमावड़ा बढ़ाया जा रहा है तो भारत को भी आगे आकर सबकुछ दुरुस्त करना पड़ रहा है। अब बार्डर पर हमारी सेना भी पर्याप्त संख्या में है। हालांकि अभी भी इस विवाद का हल बातचीत से निकालने की कोशिश हो रही है। सैन्य चैनलों के साथ-साथ सेना के स्तर पर, स्थापित चैनलों के माध्यम से वार्ता की जा रही है।
सूत्रों ने कहा कि गालवान और बड़ा हॉट स्प्रिंग एरिया में स्थिति नियंत्रण में है। मुख्य समस्या पैंगोंग झील के आसपास है। पैंगोंग झील के उत्तरी बैंक का 134 किमी का हिस्सा हथेली की तरह बाहर निकलता है और विभिन्न प्रोट्रूशियंस को ‘उंगलियों’ के रूप में पहचाना जाता है। चीनी फिंगर 3 और 4 के बीच विवादित क्षेत्र के बीच आये हैं और भारतीयों को आगे गश्त करने से रोकने के लिए टुकड़ी के निर्माण के साथ खाई जैसा निर्माण किया है। यह विवाद इस तथ्य में निहित है कि भारत का दावा है कि एलएसी फिंगर 8 पर है जबकि चीनी कहते हैं कि यह फिंगर 2 पर है।

लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने मंगलवार सुबह तड़के लद्दाख में उड़ान भरी और 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह सहित वहां के कमांडरों के साथ बैठकें कर रहे हैं। कारगिल युद्ध के नायक लेफ्टिनेंट जनरल जोशी से पहले लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ही 14 कोर के कमांडर थे। वह इस फरवरी में उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बनने से पहले उत्तरी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ थे।

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