संडे को कभी काम न किया ऋषि ने इसीलिये श्रद्धांजलि सभा संडे को : नीतू ने याद किया अपने बॉब को

New Delhi : ऋषि कपूर ने अपने जीवन में कभी रविवार को कोई काम नहीं किया। वे रविवार का दिन फैमिली को देते थे लेकिन आज रविवार को ही उनके परिवार ने उनके लिये प्रार्थना सभा का आयोजन किया। रणबीर कपूर और नीतू कपूर की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस फोटो में दोनों ऋषि कपूर की फूलों चढ़ी तस्वीर के साथ बैठे हैं। रणबीर कपूर ने सफेद कुर्ता पायजामा पहना है और पीले रंग की पगड़ी पहनी है तो वहीं नीतू सफेद सूट में हैं। बहरहाल ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर मुम्बई पहुंच गई हैं। लॉकडाउन की वजह से रिद्धिमा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाई थीं। लेकिन उनकी प्रार्थना सभा में शामिल जरूर हुई हैं।

रिद्धमा कपूर मुम्बई में

एक बार नीतू सिंह ने मधु जैन को दिये गये इंटरव्यू में कहा था – ऋषि भी अपने चाचा शशि कपूर की तरह कभी भी रविवार को काम नहीं करते थे। रविवार उनके लिए परिवार का दिन होता था। ऋषि के बारे में मशहूर था कि वो थोड़े कंजूस थे। उन्हें लोगों को उपहार देना पसंद नहीं था। जब उनका बेटा रणबीर 16 साल का हुआ था उसने अपनी मां से एक कार की फरमाइश की। लेकिन चिंटू ने उनसे कहा, तुम्हारी अभी कार रखने की उम्र नहीं आई है। वो अपने बच्चों को बिगाड़ना नहीं चाहते थे। जब तक वो अपने पैरों पर खड़े नहीं हो गये उनके बच्चों रिधिमा और रणबीर ने हमेशा इकॉनॉमी क्लास से सफर किया। नीतू सिंह ने ऋषि कपूर की कंजूसी का बहुत दिलचस्प किस्सा सुनाया था – खाने में चिंटू कोई कंजूसी नहीं बरतते थे। मुझे याद है जब हम न्यूयॉर्क गये थे तो वो मुझे मंहगे से मंहगे रेस्तरां में ले जाया करते थे और एक खाने पर सैकड़ों डॉलर खर्च कर दिया करते थे। लेकिन मामूली चीजों पर खर्च करने में उनकी जान निकलती थी। एक बार न्यूयॉर्क में ही अपने अपार्टमेंट में वापस लौटते हुये मैं सुबह की चाय के लिए दूध की एक बोतल खरीदना चाहती थी। उस समय आधी रात हो चुकी थी लेकिन चिंटू सिर्फ इसलिए दूर की एक दुकान पर गये क्योंकि वहाँ दूध 30 सेंट सस्ता मिल रहा था।

हाल के दिनों में इलाजरत ऋषि कपूर अपनी फैमिली के साथ।

नीतू सिंह की ऋषि कपूर से जब पहली मुलाकात हुई तो वो सिर्फ 14 साल की थीं। नीतू सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था – उस जमाने में चिंटू की कई गर्लफ्रेंड हुआ करती थीं। वो फोन पर उनसे मेरी बात किया करते थे। कभी-कभी मैं उनकी तरफ से उनको फोन करती थी। जब मैं 17 साल की थी तो उन्होंने पहली बार मुझे कहा कि वो मुझे ‘मिस’ करते हैं। मैंने कहा कि क्या बकवास कर रहे हो तो उन्होंने अपना जूता उतार कर मुझे दिखाया था कि उन्होंने अपनी उंगलियों को ‘क्रॉस’ नहीं कर रखा है। जब मैं 18 साल की थी तो उन्होंने मुझे एक चाभी दी थी और उसे ये कह कर मेरे गले में पहना दिया था कि ये मेरे दिल की चाबी है। दीवार फिल्म को गौर से देखें तो नीतू सिंह अपने गले में यही चाबी पहने दिखाई देती हैं।

फिल्म इंंडस्ट्री में सिर्फ उस समय ही नहीं बल्कि आज भी इतनी खूबसूरत और रोमैंटिक जोड़ी दूर दूर तक नजर नहीं आती।

नीतू सिंह ने आगे बताया था – एक बार ताज होटल में खाना खाने के बाद उन्होंने मुझसे पूछा था क्या तुम शादी नहीं करना चाहती? मैंने कहा था हां लेकिन किससे करूं? ऋषि ने बहुत मासूमियत से कहा था मुझसे और किससेद। चिंटू को नीतू सिंह हमेशा बॉब कह कर पुकारती थीं। नीतू सिंह ने एक बार लिखा था – ऋषि कपूर बहुत पजेसिव थे। मुझे पता है कि मैं किसी के बहुत नजदीक नहीं जा सकती, क्योंकि चिंटू फौरन बुरा मान जाते हैं। यहाँ तक कि मेरे बेटे रणबीर से मेरी नजदीकी को चिंटू पसंद नहीं करते।

करीब 47 साल बाद यह जोड़ी टूट गई।

उन्होंने आगे बताया था – एक जमाने में वो बहुत शराब पिया करते थे। तब वो शराब के नशे में वो सब बातें कह जाया करते थे जो उनके दिल में होती थीं। यहां तक कि वो उस लड़की तक के बारे में बता देते थे जिसमें उन दिनों उनकी रुचि हुआ करती थी। जब मैं अगले दिन उनसे उसके बारे में पूछती थी तो वो बहुत मासूमियत से पूछते थे कि तुम्हें इसके बारे में किसने बताया। ये इतनी बार हुआ कि वो शराब पीने के बाद अक्सर नर्वस हो जाते थे कि कहीं वो अपने बारे में कोई खुफिया बात मुझे न बता दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

8 + 1 =