राहुल ने मोदी सरकार से पूछा- 60 दिन हो गये, कोरोना तेजी से बढ रहा है, आगे का प्लान क्या है?

New Delhi : लॉकडाउन के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सांसद राहुल गांधी ने 24 मई को चौथी बार पत्रकारों से बात की। राहुल ने कहा – लॉकडाउन पूरी तरह से फेल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उम्‍मीद थी कि कोरोना 21 दिन में कंट्रोल हो जायेगा। अब 60 दिन हो गये हैं। केस बढ़ते जा रहे हैं। भारत उन देशों में है, जहां कोरोना सबसे तेजी से फैल रहा है। पीएम ने ये उम्‍मीद नहीं की थी कि ऐसा हो जाएगा। हिंदुस्‍तान पहला ऐसा देश है जो बीमारी के बढ़ते वक्‍त लॉकडाउन खत्‍म कर रहा है।

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Posted by Rahul Gandhi on Monday, May 25, 2020

राहुल गांधी ने कहा – लॉकडाउन के 4 स्‍टेज फेल हो चुके हैं, ऐसे में मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आगे के लिए उसकी क्‍या रणनीति है? मजदूरों के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था है? MSMEs को कैसे खड़ा करेंगे? सरकार कहती है कि GDP का 10% पैकेज के रूप में दिया है मगर असल में 1 पर्सेंट ही मिला है। मजदूरों से मुलाकात पर राहुल गांधी ने कहा कि जब मैं उनसे मिला तो कुछ ने कहा-हमारा भरोसा टूट गया। मुझे किसी के मुंह से यह सुनना पसंद नहीं, चाहे अमीर हो या गरीब। सरकार अभी भी उनकी मदद कर सकती है।
राहुल ने कहा – पीएम मोदी ने नैशनल टीवी पर बताया था कि लॉकडाउन का मकसद है कि हम 21 दिन में कोरोना को हरा देंगे। चौथा लॉकडाउन खत्‍म होने को आ गया मगर बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि राज्‍यों के पीछे अगर केंद्र सरकार खड़ी नहीं होगी तो वे कोरोना से नहीं लड़ पायेंगे। बेरोजगारी की समस्‍या कोरोना की वजह से नहीं आई है। वह पहले से चली आ रही थी। अब इस पूरी समस्‍या में एक नया एलिमेंट जुड़ गया है। कारोबार बंद हो गये, कई सारे मझोले उद्योग बंद होने जा रहे हैं। हम इसीलिए छोटे उद्योगों को पैसा देने की डिमांड कर रहे हैं। अगर हम ऐसा नहीं करते तो ये आत्‍मघाती होगा।
राहुल ने कहा – फरवरी में जो चेतावनी मैंने सरकार को दी थी, वही आज भी कह रहा हूं। मेरा काम देश की समस्याओं के बारे में सरकार को आगाह करना है। मेरे कुछ जानने वाले पॉलिसीमेकर्स बताते हैं कि सरकार सोचती है कि अगर बहुत सारा पैसा गरीब लोगों को दे दिया तो बाहर के देशों में गलत इम्‍प्रेशन चला जाएगा, हमारी रेटिंग खराब हो जायेगी। मैं फिर से कह रहा हूं कि हिंदुस्‍तान की इमेज बाहर नहीं बनती, हिंदुस्‍तान के अंदर बनती है। हिंदुस्तान की शक्ति की रक्षा करने की जरूरत है। इसके लिए 50 फीसदी लोगों को डायरेक्ट कैश देना होगा। महीने का साढ़े सात हजार रुपये देना होगा।

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