जहर है, दूर रहो : 28 राज्यों में तम्बाकू-गुटका खाने और थूकने पर रोक

New Delhi : कोरोना महामारी से बचाव के लिए दिल्ली, यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र समेतइस 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सार्वजनिक स्थल पर तम्बाकू और गुटका खाने और थूकने पर रोक लगा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 अप्रैल को सभी राज्यों से इसके इस्तेमाल और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध लगाने को कहा था ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इस मामले में अब कड़ाई की जायेगी।

मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिख कर कहा था कि पान मसाला और सुपारी खाने से थूकने की प्रबल इच्छा होती है और इससे कोरोना वायरस के तेजी से फैलने की आशंका रहती है।  22 राज्य और छह केंद्र शासित प्रदेशों ने तम्बाकू उत्पादों पर रोक भी लगा दी थी।  पान, गुटखा, पान मसाला, तंबाकू जैसी नशीली वस्तुओं का उत्तर प्रदेश समेत नार्थ इंडिया में न सिर्फ़ सेवन आम है बल्कि पान मसालों के उत्पादन में भी यह राज्य अग्रणी है।

पान मसाला बनाने वाली ज़्यादातर फ़ैक्ट्रियां उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में हैं। राजधानी लखनऊ और कानपुर में पान मसाले की खपत ख़ासतौर पर काफ़ी ज़्यादा है। पान और तंबाकू का भी यहां बड़ी संख्या में लोग शौक रखते हैं। लॉकडाउन होने से एक तो दुकानें बंद हैं और दूसरी ओर तंबाकू उत्पादों और पान मसाले जैसी चीजों के उत्पादन, सेवन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके मार्केट में मिल रही हैं जो आश्चर्यजनक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसकी तारीफ भी की थी। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान की प्रमुख प्रोफेसर प्रतिमा मूर्ति ने कहा कि इस बात के प्रमाण हैं कि धूम्रपान व तम्बाकू सेवन से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा है। वहीं, यदि वह कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है तो यही उपयुक्त समय है कि वह धूम्रपान छोड़ दे। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता और फेफड़े की स्थिति में सुधार आता है। सरकार अब इस मामले में सख्ती करने जा रही है।

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