चुन-चुन कर ढेर करते जायेंगे रियाज नायकू जैसों को, वो रैम्बो नहीं था प्रोपेगेंडा चला रहा था

New Delhi : जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर रियाज नायकू के पीछे पुलिस और सुरक्षाबल पिछले 6 महीने से लगे थे। सारी जानकारी मिलने के बाद पूरी प्लानिंग से उसे उसी के ठिकाने पर ढेर किया गया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने कहा – रियाज नायकू कोई रैंबो नहीं था। न तो हीरो था और न वो हीरो हो सकता है। ये लोग अपनी ऐसी छवि पेश करते हैं जैसे ये आम लोगों के लिये लड़ रहे हों और खुद का प्रोपेगेंडा करते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को खुद से जोड़ सकें। हम ऐसे लोगों की असल तस्वीर लोगों से छिपने नहीं देंगे। सुरक्षाबलों की यह प्राथमिकता है कि वे रियाज नायकू जैसे लोगों को चुन-चुन कर समाप्त करें। शीर्ष नेतृत्व को समाप्त करना जरूरी है ताकि पोस्टर ब्वॉय बनाने की प्रोपेगेंडा वार को रोका जा सके।

नायकू के सभी ठिकानों का पता चलने के बाद ऑपरेशन शुरू करने का फैसला लिया गया। पहले उसके साथियों को पकड़ा गया। फिर उसके बेगपोरा स्थित उसके ठिकाने को कन्फर्म किया गया। ये उसका 7वां ठिकाना था, जिसे चारों तरफ से घेर लिया गया था।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने कहा कि ऐसे सभी सरगनाओं का खात्मा करना हमारी प्राथमिकता है। आगे भी इसे जारी रखा जायेगा। चुन-चुनकर ऐसे लोगों को समाप्त किया जायेगा। ऐसे ऑपरेशनों से आतंकी संगठनों की भर्ती में कमी भी आयेगी। भारतीय सुरक्षा बल के सफल ऑपरेशन के बाद बिपिन रावत ने ये बात कही जो वाकई बेहद मायने रखती है। उन्होंने कहा – इसके बाद इस तरह की संगठनों की भर्ती में कमी आयेगी। सशस्त्र बल की प्राथमिकता इनके नेतृत्व को बेअसर करना है। वे हीरो नहीं हैं, वे कुछ नहीं हैं।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को सुरक्षाबलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस की प्रशंसा की। बीते 8 साल से कमांडर रियाल नायकू की तलाश की जा रही थी। बुधवार को 5 घंटे से ज्यादा देर के अभियान के बाद उसकी स्टोरी का इंड हुआ। उस पर 12 लाख रुपए का इनाम था। कश्मीर पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा – रियाज़ नायकू 8 वर्ष पुराना कमांडर था। हर एक दो-महीने में वीडियो जारी करता था और लोगों को भड़काता था। उसमें लोगों को प्रभावित करने की पॉवर थी। उसके बाद भर्ती में कमी आयेगी। कश्मीर में सुरक्षा बल इस वर्ष जनवरी से अब तक हम 27 ऑपरेशन कर चुकी है।

जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि बहुत से लोग रियाज़ नायकू के हाथों सताये हुये थे। वो अब चैन की सांस लेंगे। दर्जनों मिसालें हैं जहां इसने लोगों को बेघर किया। पाकिस्तान स्पॉन्सर लश्कर-ए-तैयबा या हिजबुल मुजाहिदीन का एक ही मकसद है यहां के लोगों को नुकसान पहुंचाना और शांति खराब करना। वहीं हमारा फर्ज़ है लोगों की जान के साथ-साथ अपनी जान की हिफाज़त करना।

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