नेशनल बॉडीबिल्डर चैंपियन संदीप सब्जी बेचेंगे, कराटे मेडलिस्ट ने कहा- पेट भरने को हाथ फैला रही

New Delhi : कोरोना आपदा और लॉकडाउन से सिर्फ मजदूरों को ही परेशान नहीं किया है। समाज के हर वर्ग के लोग इससे परेशान हैं। बेरोजगार हो गये हैं। काम नहीं है और ज्यादातर लोग सब्जी बेचने लगे हैं। अब ऐसी ही बात नेशनल चैंपियनशिप में 13 गोल्ड मेडल जीतनेवाले संदीप ने की है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में रहनेवाले संदीप ने कहा-अब सब्जी बेचने की सोच रहा हूं जिससे घर के खर्चे चला सकूं। मेरा एकमात्र इनकम सोर्स जिम से था जो अभी बंद है।
दिव्यांग कैटेगरी में मिस्टर इंडिया रह चुके बॉडीबिल्डर संदीप साहू का परिवार फिलहाल पूरी तरह माता-पिता पर निर्भर है। संदीप का जिम बंद है जो आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्हें खुद को फिट रखने का संकट आ गया है। रायपुर निवासी संदीप ने नेशनल चैंपियनशिप में 13 गोल्ड मेडल जीते हैं। लेकिन वे अकेले नहीं हैं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप में मेडल जीतने वालीं हनी गुर्जर लॉकडाउन के कारण कोचिंग नहीं दे पा रही हैं। स्कूल और कराटे के सभी सेंटर बंद हैं। ग्वालियर निवासी हनी की मां दिल की बीमारी से पीड़ित हैं। पिता अचार बेचते हैं, लेकिन उनका काम भी बंद है। थोड़ी-बहुत बचत की राशि से कुछ दिन खर्च चला। अब संस्थाओं व लोगों से मांगकर पेट भरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मेडल जीतने के बाद काफी सम्मान मिला, लेकिन आज मुझे हाथ फैलाने पड़ रहे हैं।
अर्जुन अवॉर्डी शूटर राजकुमारी राठौर इंदौर के निजी स्कूल में शूटिंग सेंटर चलाती हैं। 17 इंटरनेशनल मेडल जीत चुकी राजकुमारी स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर 50 स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण देती हैं। लॉकडाउन के कारण दो माह से सैलरी नहीं मिली है। पिता और भाई की मदद से घर चला रही हैं। राजकुमारी ने कहा – मुझे सरकार से कोई मदद नहीं मिली। सरकार से अनुमति मिलने के बाद फिर से बच्चों की ट्रेनिंग शुरू करूंगी। अभी उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग देती हूं।

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