शादी के यादगार 25 साल- जब फिल्म देखने को सरदार का रूप धरा सचिन ने, अंजलि बन गई पत्रकार

New Delhi : सचिन तेंडुलकर और अंजलि की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। एयरपोर्ट पर पहली बार एक-दूसरे को देखना और फिर बार-बार मिलने के लिए दोस्तों की मदद लेना। 1990 में सचिन से करीब 6 साल बड़ी अंजली ने उन्हें पहली बार एयरपोर्ट पर देखा था। 24 अप्रैल को सचिन के 21वें बर्थडे (1994) पर दोनों की एंगेजमेंट हुई थी और फिर एक साल बाद 25 मई 1995 को शादी।

एक बार अंजली के साथ फिल्म देखने के लिए सचिन सरदार के लुक में थिएटर गये थे। अंजलि ने इसका खुलासा एक इंटरव्यू में किया था। ये बात 1992 की है। सचिन तब तक फेमस हो चुके थे। अंजलि के अनुसार- हम दोनों कुछ कॉमन फ्रेंड्स के साथ फिल्म ‘रोजा’ देखने थिएटर पहुंचे थे। सचिन ने पहचान छुपाने के लिए सरदार जैसे कपड़े पहने थे और दाढ़ी लगा रखी थी। इंटरवल तक तो सब ठीक रहा, लेकिन इसके बाद लोगों की नजर उनपर पड़ी और सचिन पकड़े गये थे। इसके बाद हम सभी को फिल्म बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा था।

ये बात उन दिनों की है जब सचिन भारतीय क्रिकेट के युवा चर्चित चेहरा बन चुके थे। एक दिन जब 17 वर्षीय तेंदुलकर एयरपोर्ट के अंदर जा रहे थे तभी अचानक एक आवाज आई ‘सचिन, सचिन’….ये आवाज और किसी की नहीं बल्कि अंजलि की ही थी। अंजलि ने बताया कि वो सचिन के ‘क्यूट लुक्स’ पर इतनी फिदा हो गईं थीं कि उस दौरान एयरपोर्ट पर वो ये भी भूल गईं कि वो वहां अपनी मां को लेने आई थीं। शर्मीले सचिन अंजलि को ऐसा करते देख इतना शरमा गये थे कि सिर झुका कर आगे बढ़ चले। अंजलि कहती हैं कि वो पहली नजर का प्यार था।
इस किस्से के बाद अंजलि इतना बेचैन हो उठी थीं कि उन्होंने किसी तरह सचिन के फोन नंबर की व्यवस्था की और उन्हें फोन घुमा डाला। अंजलि ने बताया- मैंने उन्हें फोन किया और कहा मैं अंजलि हूं और मैंने तुम्हें एयरपोर्ट पर देखा था। सचिन ने कहा कि उन्हें याद है। जब मैंने पूछा कि मैंने किस रंग की शर्ट पहनी थी तो सचिन ने आसानी से जवाब दे दिया कि मैंने नारंगी रंग की शर्ट पहनी थी।

अंजलि कहती हैं – इस किस्से से पहले एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने सचिन को नजरअंदाज तक कर डाला था। अंजलि के मुताबिक सचिन उस दौरान स्टार क्रिकेट क्लब में थे और वो भी इंग्लैंड में ही मौजूद थीं। उस दौरान अंजलि के पिता ने उन्हें फोन करके कहा कि वो अंजलि को उस युवा क्रिकेटर से मिलाना चाहते हैं जिसने भारत के लिए शतक जड़ा है लेकिन अंजलि ने ये कहकर मना कर दिया था कि उन्हें नहीं मिलना क्योंकि उन्हें क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं है। अंजलि कहती हैं कि अगर वो सचिन से उस दौरान मिल ली होतीं तो शायद वो सचिन का पीछा तबसे करने लगतीं जब सचिन 15 साल के ही थे।
अंजलि ने बताया – एक समय ऐसा भी था जब सचिन से मिलने की दीवानगी अपने चरम पर पहुंच गई थी और वो पत्रकार का रूप धारण कर सचिन के घर में घुस गईं थीं। सचिन उनको देखकर हैरान थे कि एक लड़की उनके घर में कैसे घुस गई लेकिन सचिन की भाभी को इस पूरे मसले की भनक लग गई थी और उन्होंने अंजलि से पूछताछ भी की।

अंजलि कहती हैं – उन दिनों जब सचिन विदेशी दौरे पर होते थे तो उनसे बात करना बेहद मुश्किल हो जाता था। उस दौरान वो चिट्ठी लिखकर ही काम चलाते थे क्योंकि उस समय विदेशी कॉल दर काफी महंगी होती थीं। कई बार अंजलि अपने हॉस्टल कैंपस से न जाने कितने किलोमीटर दूर सुनसान इलाके से होते हुए रात 10 बजे के बाद उन्हें आइएसडी कॉल करने बाहर जाती थीं।
अंजलि के मुताबिक सचिन अपने घर में उनकी प्रेम कहानी के बारे में बताने में बहुत घबरा रहे थे। इसलिए जब वो न्यूजीलैंड में थे तो उन्होंने अंजलि से फोन पर कहा कि अंजलि ही जाकर सचिन के परिवार को उनके बारे में जाकर बताएं और सगाई की बात करें। सचिन कहते हैं – घर पर इस बात का जिक्र करना उनके लिए तेज गेंदबाजों का सामना करने से भी मुश्किल काम था। हालांकि अंजलि बेबाक थीं और उन्होंने इस जिम्मेदारी को उठाया और सचिन के घर पर बताकर इस जिम्मेदारी को पूरा भी किया।

अंजलि ने बताया – एक क्रिकेटर की पत्नी होना आसान काम नहीं है। लोग सोचते हैं कि ये जिंदगी कितनी चकाचौंध से भरी रहती होगी लेकिन ऐसा नहीं है। कई बेहद कठिन मौके आते हैं जैसे जब आपका पति घर से जल्दी निकल जाता है, या फिर जब भारत हारता है तो आप खुद से सवाल करने लगती हैं कि मुझसे कुछ गलती तो नहीं हो गई। इसके अलावा बच्चों के साथ सफर करना भी आसान नहीं होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

39 − = 36