लॉकडाउन-4 अब 31 मई तक : राज्यों को पाबंदियों-शर्तों में छूट देने या न देने का अधिकार

New Delhi : भारत में लॉकडाउन 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। यह देशबंदी का चौथा फेज होगा। सोमवार 18 मई से शुरू होगा और 31 मई को खत्म होगा। लॉकडाउन के तीसरे फेज का रविवार को आखिरी दिन था। इसके खत्म होने से करीब छह घंटे पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी ने केंद्र सरकार और राज्यों को देशबंदी जारी रखने के निर्देश दिए। अब गाइडलाइंस का इंतजार है। आज रात 9 बजे कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गाबा राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब और मिजोरम पहले ही 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (एनडीएमए) ने लॉकडाउन 4 को लेकर ऑर्डर जारी किया। इसमें केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों तथा राज्य सरकारों को कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए उपाय करने को कहा गया है। देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। एनडीएमए ने कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है। उसका कहना है कि देश में लॉकडाउन के बारे में नेशनल एग्जिक्यूटिव कमेटी (एनईसी) ने आपदा प्रबंधन कानून, 2005 की धारा 10 (2) के तहत समय-समय पर ऑर्डर और स्पष्टीकरण जारी किए हैं।
एनडीएमए ने अपने ऑर्डर में कहा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन के उपाय 31 मई तक जारी रहेंगे। आर्थिक गतिविधियों को खोलने के लिए एनईसी गाइडलाइंस में जरूरी बदलाव करेगी ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा सके।
यह तीसरा मौका है जब लॉकडाउन बढ़ाया गया है। इससे पहले भी दो बार देश में लॉकडाउन बढ़ाया गया था और लॉकडाउन-3 की मियाद आज खत्म हो रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में लॉकडाउन बढ़ाने का संकेत दिया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि यह कुछ नए रंग रूप वाला होगा। ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि यह नया रंगरूप कैसा होगा? इसमें किस तरह की छूट दी जाएगी।

इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 17 मई को राहत पैकेज का पांचवां और आखिरी ब्रेकअप बता रही हैं। आज मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कारोबार, कंपनीज एक्ट, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पीएसयू से जुड़े सात मसलों पर राहत की घोषणा होगी। पिछले चार दिनों में छोटे उद्योगों, किसानों, प्रवासी मजदूरों और रिफॉर्म पर जोर रहा। शनिवार को कोल, मिनरल, डिफेंस और एविएशन समेत कुल 8 सेक्टर से जुड़ी घोषणाएं की गई थीं। गांव जा रहे प्रवासी मजदूरों को काम मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों में काम की कमी ना आए और आमदनी का साधन मिले इसके लिए 40 हजार करोड़ रुपए का अधिक आवंटन किया जा रहा है। इससे 300 करोड़ व्यक्ति कार्यदिवस उत्पन्न होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा – मनरेगा का बजट अनुमान 61000 करोड़ था। रोजगार बढ़ाने के लिए 40 हजार करोड़ अतिरिक्त दिए जाएंगे। हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए खर्च बढ़ाया जाएगा। शहरी-ग्रामीण इलाकों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाएंगे। सभी जिलों में संक्रमण वाली बीमारियों से निपटने के लिए हॉस्पिटल होंगे। चुनौतियों के बावजूद एफसीआई, नैफेड और राज्य सरकारों ने प्रवासी मजदूरों को खाने की व्यवस्था की। जो प्रवासी घर नहीं जा सकते थे उनके लिए व्यवस्थाएं कीं। 8.19 करोड़ किसानों के खाते में 2000 रुपए की किश्त पहुंचाई। 20 करोड़ जनधन खातों में 10 हजार 25 करोड़ रुपए पहुंचाए। 2.20 करोड़ बिल्डिंग-कंस्ट्रक्शन वर्करों के खाते में सीधे रकम पहुंचाई। 12 लाख से ज्यादा ईपीएफओ खाताधारकों को फायदा पहुंचाया। लॉकडाउन बढ़ाया गया तो फ्री दाल और चावल अगले दो महीने के लिए बढ़ाया गया। ट्रेन में यात्रा के दौरान भी लोगों को खाना दिया। हमने लोगों की जिंदगी को प्राथमिकता दी। कोविड-19 के बाद की जिंदगी को ध्यान में रखकर भी पूरी मदद देना जरूरी है।
मल्टीमोड एक्सेस डिजिटल के जरिए पढ़ाई के लिए पीएम ई-विद्या योजना की शुरुआत की जाएगी। दीक्षा- स्कूल एजुकेशन के लिए ई-कॉन्टेंट और क्वी आर कोड से जुड़े किताब उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका नाम होगा वन नेशन वन डिजिटल प्लैटफॉर्म होगा। हर क्लास के बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग टीवी चैनल होगा, वन क्लास वन चैनल योजना के जरिए। रेडियो, कम्युनिटी रेडियो और पॉडकास्ट का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। द्वियांगों के लिए भी सामग्री तैयार की जाएगी ताकि वे भी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें। अधिकतर बच्चों का समय टीवी और स्मार्टफोन के सामने गुजर रहा है। गतिविधियां कम हो गई हैं। घर से बाहर निकलना कम हो गया है। उनके मेंटल हेल्थ और साइकलॉजी सपॉर्ट के लिए मनोदर्पण की शुरुआत की जाएगी।

दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए कर्ज की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए कर रहे हैं। अगले एक साल तक किसी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी। एमएसएमई को इसका ज्यादा फायदा होगा। एक्ट के तहत छोटी-छोटी गलतियों को आपराधिक श्रेणी में नहीं माना जाएगा। ऐसे 7 अपराधों को एक्ट से बाहर किया जाएगा। इसके लिए अध्यादेश लाया जाएगा। निजी कंपनियों को जो नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर को स्टॉक एक्सचेंज पर रखती हैं, उन्हें लिस्टेड कंपनी नहीं माना जाएगा। भारतीय कंपनियां विदेशी बाजार में सीधे लिस्टिंग करवा सकेंगी।

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