सोनू सूद के पास हर मिनट पहुंच रहे मदद के सैकड़ों संदेश, कहा- मैसेज न देख सकूं तो माफ कर देना

New Delhi : दानवीर सोनू सूद पूरे भारत में छा गये हैं। लोग उनकी प्रशंसा करते नहीं थक रहे। हालत यह है कि जैसे सोनू सूद ने लोगों की मदद के लिये टॉलफ्री नंबर और व्हाट्सएप नंबर जारी किया हजारों लोग फोन करने लगे। मैसेज करने लगे। अब सोनू सूद ने एक ट्वीट कर कहा है- आपके संदेश हमें इस रफ़्तार से मिल रहें हैं। मैं और मेरी टीम पूरी कोशिश कर रहें हैं, हर किसी को मदद पहुँचे! लेकिन अगर इस में हम कुछ मेसजेज़ को मिस कर दें, उसके लिए मुझे क्षमा कीजियेगा।

आज हालात ऐसे हैं कि कोई उन्हें अपना भगवान बता रहा है तो कोई उन्हें सुपरमैन बता रहा है। देश विदेश की मीडिया सोनू सूद के इस अवतार को कवर कर रही है। बड़ी-बड़ी बॉलीवुड हस्तियां भी सोनू की तारीफ कर रही हैं, उनको थैंक्स बोल रहे हैं। लोग ट्विटर पर रोज उनसे हेल्प मांगते हैं। सो मंगलवार 26 मई की रात उन्होंने ट्विटर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जिसकी मदद से मजदूर उनसे कॉन्टैक्ट कर पायेंगे।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा- नमस्कार! मैं आपका दोस्त सोनू सूद बोल रहा हूं। मेरे प्यार श्रमिक भाइयों और बहनों। अगर आप मुंबई में हैं और अपने घर जाना चाहते हैं तो कृपया इस नंबर पर कॉल करें -18001213711 या अपना नाम और पता वॉट्सएप करें। नंबर है- 9321472118। साथ ही यह भी बतायें कि आप कितने लोग हैं और अभी कहां पर हैं और आपको कहां जाना है। मै और मेरी टीम जो भी मदद कर पायेंगे हम जरूर करेंगे। हमारी टीम जल्द ही आपसे संपर्क करेगी।

इस पोस्ट को शेयर करते हुए सोनू सूद ने लिखा- चलो घर छोड़ आऊं।

सोनू सोशल मीडिया पर मदद मांगने वाले लोगों से संपर्क कर उनकी सहायता भी कर रहे हैं। पिछले दिनों बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति एन.मंटू ने ट्वीट कर कहा कि हम लोग 16 दिन से पुलिस चौकी के चक्कर लगा रहे हैं। कोई मदद नहीं कर रहा है। हमें बिहार जाना है। इस ट्वीट पर सोनू ने रिप्लाई करते हुए कहा- भाई चक्कर लगाना बंद करो और रिलैक्स रहो। दो दिन में बिहार में अपने घर का पानी पियोगे, डिटेल्स भेजो। मंटू के साथ 22 लोग हैं जो बिहार लौटना चाह रहे हैं और सोनू सभी को बिहार भेज रहे हैं।

सोनू इस तरह से लोगों की मदद कर रहे हैं कि लोगों ने टि्वटर पर उनको सुपरमैन और रीयल हीरो से संबोधित करना शुरू कर दिया है। उन्हें अलग-अलग तरह के कार्टून बनाकर भेज रहे हैं। स्वप्निल ने आज कुछ ऐसा ही कुछ बनाकर सोनू को भेजा और सोनू ने उसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। फिलहाल 60 सीटर बस में 35 पैसेंजर्स को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए भेजा जा रहा है। सोनू की दोस्त नीति बताती हैं – हर पैसेंजर को अपने गृह राज्य से क्लीयरेंस लेना पड़ रहा है। मान लीजिए किसी को बस्ती भेजना है तो बस्ती के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को लिस्ट भेजनी पड़ती है। वह वेरिफिकेशन करते हैं। इन सबमें 10 दिन का वक्त लग रहा था लेकिन अब नेटवर्क भी साथ है तो इसमें 48 घंटे का वक्त लग रहा है। लोकल पुलिस स्टेशन से अनुमति और हर यात्री का मेडिकल सर्टिफिकेट भी लग रहा है।

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सोनू ने कहा- यह मेरा कर्तव्य है कि मैं प्रवासी मजदूरों की मदद करूं, जो हमारे देश के दिल की धड़कन हैं। हम देख रहे हैं कि कैसे मजदूर अपने परिवार और बच्चों को लेकर पैदल ही घर के लिए निकल रहे हैं। हम एसी में बैठकर सिर्फ ट्वीट नहीं कर सकते। हमें उनकी मदद करनी होगी। मैं सुबह से लेकर शाम तक इनकी मदद के लिए काम कर रहा हूं। मुझे उनकी मदद करके जो संतुष्टि मिलती है उसे मैं शब्दों से बयां नहीं कर सकता।

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