नेकदिल ने अपने तीन मंजिला शॉपिंग काम्प्लेक्स के कपड़े-जूते गरीबों में बांटे

New Delhi : लॉकडाउन से परेशान लोगों की जिंदगी में ईद की खुशियां बिखेरने के लिए कैराना के एक व्यापारी ने ईदी के तौर पर अपने गारमेंट और जूते के शोरूम का सारा सामान गरीबों में बांट दिया। कैराना तहसील के सामने गोल्ड प्लाजा कॉम्पलेक्स की तीन मंजिल में रेडीमेड जूतों का शोरूम जिसके मालिक कस्बे के ही व्यापारी इंतजार उर्फ शब्बू हैं। शुक्रवार को उन्होंने अपने शोरूम के कपड़ों और जूतों को गरीबों में दान कर दिया। इसके लिये शब्बू ने प्रशासन को अवगत कराया। जिलाधिकारी जसजीत कौर खुद दोपहर के बाद कैराना पहुंचीं और अपने हाथों से गरीबों को जूते और कपड़े बांटे। व्यापारी इंतजार ने बताया कि ईद पर गरीब लोग नये कपड़े नहीं खरीद पा रहे थे। मां की सलाह पर उन्होंने सारे कपड़े दान कर दिये।

सैकड़ों गरीब बच्चों को दोपहर के बाद जैसे ही नए कपड़ों के थैले और जूते मिले उनके चेहरे खिल उठे। लॉकडाउन के दौरान इंतजार करीब पांच हजार गरीब परिवारों को एक-एक माह की राशन किट भी बांट चुके हैं। उन्होंने शोरूम में रखे सारे कपड़े और जूते लोगों में बांट दिये। वैसे भी इसबार ईद तो बिना गले मिले ही मनानी है। कल जुमे की नमाज में भी ईदगाह खाली रहे। पहले जहां अलविदा नमाज में हजारों लोगों की भीड़ जुटती थी वहीं कल अलविदा नमाज में चार पांच लोग ही शामिल हुये।
ईद के मौके पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपनी ओर कई पाबंदियां लगाने की है। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली ने कहा – न किसी के घर जायेंगे, न हाथ मिलायेंगे, न गले मिलेंगे। ईद के बजट की आधी रकम लॉकडाउन से बेरोजगार हुए लोगों की मदद पर खर्च करना चाहिये।
ईद में सैकड़ों करोड़ की खरीददारी होती है, जो इस बार बंद हो गई। मौलाना ने अपील की कि ईद में नमाज़ तो घर में पढ़ें ही..किसी से ईद मिलने न जाएं बल्कि फ़ेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्वीटर और वीडियो मैसेज से मुबारकबाद दें। उन्होंने कहा – जितनी भी इबादतगाहें हैं पूरी दुनिया में सब बंद हैं। सउदी अरब में देख लें, तमाम मस्जिदें बंद हैं। सिर्फ चंद लोग जो मस्जिदों में रहते हैं वही नमाज़ें अदा करते हैं।
लखनऊ में अलविदा और ईद की नमाज जिन और दो बड़ी जगहों पर होती है उनमें से एक टीले वाली मस्जिद में ताला लगा रहा। यहां करीब 50 हजार लोग नमाज़ अदा करते हैं। उसके पास ही बड़े इमामबाड़े में आसिफी मस्जिद में शिया मुसलमानों की नमाज़ होती है। इमामबाड़े और मस्जिद के गेट बंद हैं और बाहर पुलिस का पहरा है।

खालिद रशीद फिरंगीमहली ने कहा – बेरोजगारी इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है, और जो लोग इतनी तेज़ी से भुखमरी का शिकार हो रहे हैं उसको मद्देनज़र रखते हुए यह भी अपील की गई है कि जिसकी फैमिली का जो भी ईद का बजट है उसका अराउंड फिफ्टी पर्सेंट गरीब गुरबा में तकसीम करें।

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