श्रीनगर में आतंकियों से मुठभेड़ : हिजबुल के दो आतंकी मारे गये, बड़े अलगाववादी नेता का बेटा भी ढेर

New Delhi : श्रीनगर के कानेमजार नवाकदल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में जुनैद सहराई और पुलवामा निवासी तारिक अहमद शेख को आर्मी ने मार गिराया। सोमवार रात 2 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ था। घनी आबादी वाले नवाकदल में हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकी छिपे थे, जिनमें से एक अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा जुनैद भी था। पुलिस को टेक्निकल इंटेलिजेंस के जरिए उसकी मौजूदगी को लेकर पुख्ता जानकारी मिली थी। साल 2018 के मार्च महीने में जुमे की नमाज के बाद जुनैद लापता हो गया था। इसके बाद वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ गया था।

रात 2 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया था। एक घंटे बाद छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। ग्रेनेड ब्लास्ट में दो पुलिसवाले और एक सीआरपीएफ जवान घायल हुए हैं। सुरक्षाबलों ने उस घर में ब्लास्ट कर दिया जहां जुनैद छिपा था।
जुनैद कश्मीर यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी कर मार्च 2018 में हिजबुल में शामिल हो गया था। यह काफी दिनों से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था। वहीं इस मुठभेड़ को लेकर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सोमवार रात श्रीनगर में पुलिस के एक विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिलने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। दो साल बाद श्रीनगर में इस तरह की मुठभेड़ हुई है। इससे पहले करन नगर में अक्टूबर 2018 में एक एनकाउंटर हुआ था। जिसमें लश्कर कमांडर मेहराजउद्दीन बांगरू को मार गिराया था।

हालात पर काबू रखने के लिए श्रीनगर में बीएसएनएल के अलावा सभी फोन और मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिए गए हैं। अभी दो हफ्ते पहले 6 मई को ही सुरक्षाबलों ने पुलवामा में हिजबुल के कश्मीर कमांडर रियाज नायकू को मार गिराया था। सहराई नायकू के बाद बने नए कमांडर डॉक्टर सैफुल्लाह का डिप्टी चीफ है। रात में आतंकियों से सुरक्षाबलों का सामना हुआ था। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। इसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला। थोड़ी देर बाद फायरिंग रुक गई। सुबह फिर से फायरिंग शुरू हुई। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में जुनैद सहराई समेत दो आतंकी मारे गए हैं। रियाज नायकू के बाद ताहिर मोहम्मद भट और अब आतंकी जुनैद का मारा जाना हिजबुल को बड़ा झटका है। हिजबुल अब सफाए की कगार पर है।

वहीं सुरक्षाबलों की ओर से इस ऑपरेशन को बहुत सावधानी से अंजाम दिया। क्योंकि जहां मुठभेड़ हुई वह घनी आबादी वाला आवासीय क्षेत्र था। मुठभेड़ स्थल के इर्द-गिर्द वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।

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