300 श्रमिक एक्सप्रेस रोज चलेंगे, 3 से 4 दिनों में सभी कामगारों को घर पहुंचायेंगे, बस राज्य मदद करें

New Delhi : अगर राज्य सरकार रेल मंत्रालय से सही तरीके से समन्वय करे तो चार दिनों में कामगारों को उनके घर तक पहुंचाया जा सकता है। सिर्फ रेलवे से ही नहीं बल्कि राज्य आपस में भी समन्वय स्थपित नहीं कर पा रहे हैं। श्रमिकों के आंदोलन की वजह से हजारों यात्री अपने घर पर जाना चाहते हैं लेकिन जहां उनका घर है वो राज्य ही सहयोग नहीं कर रहा है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर इसी तरह का आरोप लगाया है। फडनवीस के आरोप के ट्वीट को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी रिट्वीट किया है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार 300 श्रमिक ट्रेनें रोज चला रहे हैं। अगले 3 से 4 दिनों में श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचा दिया जायेगा। सभी राज्यों से अपील है कि वे अपनी अपनी तरफ से स्वीकृत्यादेश दें। समय से प्रवासी मजदूरों की लिस्ट दें। तो अगले तीन चार दिनों में प्रवासी मजदूरों की समस्या का निराकरण हो जायेगा। प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचा दिया जायेगा।

पीयूष गोयल ने कहा – रेलवे लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है। सिर्फ प्रवासी मजदूर ही नहीं, बल्कि पर्यटक, स्टूडेंट्स और श्रद्धालुओं को उनके घर तक पहुंचा रही है। अभी तक 336 श्रमिक ट्रेनों का परिचालन हो गया है। इससे 4.40 लाख से ज्यादा लोगों को अपने घरों तक पहुंचा दिया गया है। इधर रेलवे ने लॉकडाउन समाप्त होने के बाद की अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। कोशिश हो रही है कि यदि लॉकडाउन के बाद ट्रेनें चलाई जाती हैं तो क्या व्यवस्था रखी जाये कि यात्रियों को असुविधा भी न हो और कोरोना वायरस से उनका बचाव भी हो सके। फिलहाल तो लॉकडाउन के बाद भी जब ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा तो शताब्दी एक्सप्रेस, गतिमान एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस के साथ राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी सफर के दौरान यात्रियों को खाना अपने साथ लाना पड़ सकता है। सामान्य गाड़ियों में तो लाना ही होगा।

पहले चरण में केवल वंदेभारत, शताब्दी और जनशताब्दी जैसी ट्रेनें चलाई जायेंगी। लोगों का आवागमन सुरक्षित बनाने के लिए ट्रेन में आधी सीटों की ही बुकिंग का प्लान बनाया जा रहा है। मगर कुछ भी पुख्ता नहीं हुआ है। रेल मंत्री पीयूष गोयल भी ट्रेनों के आवागतन आदि की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं। इधर रेलवे ने पूरे देश में जारी लॉकडाउन के बीच लोगों से पटरियों पर न चलने की अपील की है। पूर्वी तटीय रेलवे ने लोगों से पटरियों पर चलने से बचने के लिए कहा है, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान भी कई विशेष ट्रेनें चल रही हैं। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए यात्री ट्रेनें निलंबित हैं लेकिन देशभर में आवश्यक सामान की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ियां और पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनें लगातार चल रही हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में श्रमिक विशेष ट्रेनें भी शुरू की गई हैं और पूर्वी तटीय रेलवे के क्षेत्र में ऐसी कई ट्रेनें चल रही हैं।

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