हम एक हैं : नूर मोहम्मद को जरूरत पड़ी तो सीमा, मनोज समेत 10 हिंदू खड़े हो गये अपना खून देने, बचाई जान

New Delhi : उत्तर प्रदेश के शामली में लॉकडाउन के दौरान भी आपसी भाईचारे की ऐसी बानगी दिखी कि देखनेवालों की आंखें डबडबा गईं। यहां एक मुस्लिम बुजुर्ग मरीज के लिये हाउसवाइव से लेकर सरकारी कर्मचारी तक 10 लोगों ने रक्तदान किया और सभी के सभी हिंदू ही थे। रक्तदान की एक अपील पर ब्लड देनेवालों की भीड़ उमड़ पड़ी।

लोग कोरोना के इलाज के लिये भी ब्लड डोनेट कर रहे हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर

दरअसल शामली निवासी 60 वर्षीय नूर मोहम्मद करीब एक सप्ताह से बीमार थे। दो दिन पहले उनकी तबियत अधिक खराब होने पर उन्हें नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया जहां उन्हें जान्डिस बताते हुए डॉक्टरों ने 10 यूनिट ब्लड की जरूरत बताई। लॉकडाउन के चलते इतने यूनिट ब्लड की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती थी। बाद में डॉक्टर के माध्यम से ब्लड बैक संचालक अजय संगल से संपर्क किया गया। इसके बाद चंद घंटों में ही रक्तदाताओं से ब्लड का प्रबंध होने लगा। दस लोगों ने ब्लड दिये। ये सभी दस डोनर हिन्दू थे, जिनमें गृहणी सीमा मित्तल से लेकर कल्क्ट्रेट कर्मचारी मनोज कुमार तक शामिल हैं। ये सब देखकर नूर मोहम्मद के परिजनों की आंखे डबडबा गईं।
ब्लड बैंक एंड काम्पोनेंट सेंटर के प्रबंधक अजय संगल ने बताया कि जागलान ब्लड ग्रुप शामली के नाम से पिछले दिनों समाजसेवी रवि जागलान द्वारा व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है जिसमें कई डोनर जुड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही ये लोग बिना धर्म-जाति और उम्र देखे ब्लड डोनेट करने पहुंच जाते हैं। शनिवार को भी अस्ताल में भर्ती मरीज नूर मोहम्मद के लिए दस यूनिट ब्लड का प्रबंध इसी ग्रुप के चलते चंद घंटे में ही हो गया। रक्तदान करने वालों में सीमा मित्तल, सागर, केशव, सतेन्द्र पाल, मनोज कुमार, वासू, राधे, अभिजीत मित्तल, शिवम मित्तल, गौरव और तुषार जैन शामिल रहे।

दिल्ली में आरएसएस के कार्यकर्ता राशन देकर मुस्लिमों की मदद करते हुए।

मरीज नूर मौहम्मद का बेटे मोहम्मद अनवर – एक सप्ताह से अब्बा बीमार चल रहे थे। दो दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो नर्सिंगहोम में भर्ती कराने पर पता चला की उन्हें गंभीर पीलिया है। तत्काल 10 यूनिट ब्लड की जरुरत पड़ेगी। हम परेशान हो गए आखिर इस लॉकडाउन में कौन खून देने आता। डॉक्टर ने ब्लड बैंक में बात की और व्हाट्सअप मैसेज भेजने के बाद कुछ ही घंटों में हिन्दू भाई-बहन ब्लड डोनेट करने पहुंच गए।

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