Trump ने कहा – किटाणुनाशक से इलाज संभव, लोग हार्पिक-लाइजॉल पीकर हॉस्पिटल पहुंचने लगे

New Delhi : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के विवादास्पद बयान के एकदिन बाद ही न्यूयॉर्क में सिटी स्वास्थ्य अधिकारियों के हाथ पांव फूल गये। अधिकारियों से लोगों ने काफी तादाद में कीटनाशक और ब्लीच का सेवन करने को लेकर संपर्क किया। दरअसल, शुक्रवार को ट्रम्प ने एक दावा किया था कि ब्लीच या अन्य घरेलू क्लीनर को फेफड़ों में इंजेक्ट करने से कोरोनो वायरस का इलाज हो सकता है।

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के दावों को कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तुरंत खारिज कर दिया था और जब उनके दावों पर विवाद और बढ़ने लगा तो डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में अपने विवादास्पद बयान को मजाक ठहराकर अपना पल्ला झाड़ लिया। लेकिन महामारी के बीच राष्ट्रपति का यह मजाक स्वास्थ्य अधिकारियों और वहां के लोगों पर भारी पड़ गया।
न्यूयॉर्क शहर के स्वास्थ्य विभाग के ज़हर नियंत्रण केंद्र द्वारा करीब 30 ऐसे मामलों से जूझ रहे लोगों का इलाज किया गया जिन्हें कीटाणुनाशकों के सेवन से संभावित जोखिम हो सकता था। सिटी स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक कीटाणुनाशक के सेवन से किसी की जान नहीं गई है। किसी के अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत महसूस नहीं हुई है। रिपोर्ट किये गये मामलों में से 9 मामलों में विशेष रूप से लाइजॉल के संभावित जोखिम थे। जबकि 10 मामले ब्लीच और 11 मामले घरेलू कीटनाशक वाले थे।
व्हाइट हाउस में गुरुवार रात कोरोनो वायरस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुझाव दिया था कि डॉक्टर अपने रोगियों के फेफड़ों में सीधे ब्लीच जैसे कीटाणुनाशक इंजेक्ट करके महामारी कोरोना वायरस के शिकार मरीजों को ठीक करने में सक्षम हो सकते हैं।

बकौल ट्रंप – क्योंकि यह बीमारी फेफड़ों में होती है, इसलिए यह प्रयोग मुझे दिलचस्प लगता है। ट्रम्प ने स्वास्थ्य सलाहकारों से मामले को देखने के लिए भी कहा था। ट्रम्प की भविष्यवाणी थी कि कीटाणुनाशक Covid19 के वायरस को मार सकते हैं, लेकिन विवाद बढ़ने पर ट्रंप ने कहा कि वह खतरनाक सुझाव एक मजाक था।

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