त्रिपुरा भी कोरोना मुक्त, CM ने कहा – माँ त्रिपुरसुंदरी जी के आशीर्वाद से हम इस महामारी से दूर हुये

New Delhi : देश में कोरोना आपदा के बीच त्रिपुरा से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। त्रिपुरा 23 अप्रैल को कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हो गया है। गोवा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश के बाद त्रिपुरा कोरोना मुक्त होने वाला चौथा राज्य बन गया है। त्रिपुरा मुख्यमंत्री बिप्लव देब ने ट्वीट कर कहा कि राज्य से दूसरा मरीज लगातार जांच के बाद कोरोना निगेटिव पाया गया है और इसलिए हमारा राज्य कोरोना मुक्त हो गया। मेरा राज्य की जनता से अनुरोध है कि हर कोई सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखने के साथ ही सरकार के दिशा-निदेर्शों का पालन करें। स्टे होम, स्टे सेफ।

 

उन्होंने सभी डॉक्टरों, हेल्थ स्टाफ, सभी फ्रंट लाइन वारियर्स और जनता को राज्य को कोरोना मुक्त करने में योगदान के लिए आभार जताया। सभी को दिशा-निर्देशों का पालन कर यह स्थिति बनाये रखने में आगे भी योगदान रखना होगा। उन्होंने लिखा कि माता त्रिपुरासुंदरी का हम सभी पर आशीर्वाद बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा – माँ त्रिपुरसुंदरी जी के आशीर्वाद से तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दिखाये मार्ग से प्रेरित होकर, हमारा अपना त्रिपुरा आज कोरोना मुक्त हो गया है। उम्मीद करता हूं कि जल्द ही पूरा भारत और फिर पूरा विश्व इस वैश्विक महामारी से मुक्त होगा।
पिछले 30 दिनों का लॉकडाउन कोरोना को फैलने से रोकने में कारगर रहा है। इस दौरान टेस्टिंग में 24 गुना बढ़ोतरी के बावजूद कोरोना के पॉजिटिव केसों में 16 गुना बढ़ोतरी देखने को मिली। यही नहीं, इस दौरान कुल 78 जिले ऐसे भी सामने आये जहां 14 दिनों से एक भी कोरोना का मरीज सामने नहीं आया है। 12 जिले ऐसे हैं जहां 28 दिनों में कोई केस नहीं आया है। इस तरह देश कोरोना वायरस के ट्रांसमिशन में कटौती, उसके प्रसार को न्यूनतम और उसके दोगुना होने के समय को ब़़ढाने में सफल रहा है। जिससे भारत इस लड़ाई में दक्षिण कोरिया को छोड़कर कई विकसित देशों से काफी आगे खड़ा हो गया है।

देश में कोरोना के इलाज और टेस्टिंग की क्षमता तैयार करने के लिए गठित टास्क फोर्स के प्रमुख और वन व पर्यावरण सचिव सीके मिश्र ने बताया कि लॉकडाउन के कारण भारत कोरोना को फैलने से रोकने में सफल रहा है। इस कारण इस लड़ाई में दुनिया के कई विकसित देशों से काफी आगे दिख रहा है। पिछले 30 दिनों में हम कमोवेश उसी जगह पर हैं जहां एक महीने पहले थे। यानी स्थिति बहुत बिगड़ी नहीं है। एक महीने पहले टेस्ट हुए लोगों में लगभग 4.5 फीसद पॉजिटिव निकले थे और अभी भी अनुपात लगभग वही है।

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