नौकरी हो या प्रमोशन, कोई भी कार्य नहीं रुकता, तरक्की ही तरक्की

New Delhi : बृहस्पतिवार का दिन हरि विष्णु को समर्पित है। यह दिन कई प्रकार से हर किसी व्यक्ति के जीवन की परेशानियां दूर करने में सहायक है। ये दिन लक्ष्मी प्राप्ति में भी सहायक है। जो लोग इस दिन भगवान बृहस्पति का व्रत करते हैं। उनके सभी कार्य भगवान बृहस्पति की कृपा से पूर्ण होते हैं। भगवान बृहस्पति का व्रत हर कोई कर सकता है यदि वह सच्चे मन से करना चाहे तो। इस व्रत में किसी भी अन्य प्रकार का खर्च नहीं होता।

यहां तक की इस व्रत में यदि आप भगवान विष्णु को भोग लगाने के लिए लड्डू भी लाने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें श्रद्धा से चने की दाल और चीनी या मिश्री का भोग लगा दें। व केले के पेड़ में प्रत्येक गुरुवार जल दें व उसकी पूजा करें। गुरुवार के दिन सुबह-सवेरे जल्दी उठें। ब्रम्ह मुहूर्त में उठकर अपने घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद स्नानादि से निवृत्त होकर पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर अथवा बाहर किसी मंदिर में बृहस्पति देव की प्रतिमा या तस्वीर को स्वच्छ कपड़ें से साफ करें। तत्पश्चात उनके माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं और भोग स्वरूप चने की दाल व मिश्री अर्पित करेँ। यदि आप भगवान बृहस्पति को अत्याधिक प्रसन्न करना चाहते हैं तो उन्हें एक तुलसी का पत्ता भेंट स्वरूप चढ़ाएं। भगवान बृहस्पति का व्रत करने से घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। कलह-कलेष दूर रहता है। धन व अन्न की कभी कमी नहीं रहती। नौकरी हो या प्रमोशन कोई भी कार्य नहीं रुकता, तरक्की ही तरक्की मिलती। कुंडली में गुरू मजबूत होता है जिससे की व्यक्ति के सभी कार्य पूरे होते चले जाते हैं।

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