एमएनसी, आईटी और बीपीओ कंपनियों को दिल्ली NCR में जुलाई तक करना ही होगा वर्क फ्रॉम होम

New Delhi : गुड़गांव मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के CEO VS Kundu ने रविवार को कहा कि शहर में एमएनसी, आईटी और बीपीओ जैसी कपंनियों को अपने कर्मचारियों को जुलाई महीने के अंत तक वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देनी होगी। कुंडू हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी हैं। उन्होंने कहा कि डीएलएफ सहित कई रियल एस्टेट परियोजनाओं को निर्माण फिर से शुरू करने के लिए हरी झंडी मिल गई है, लेकिन इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। अब जब गुरुग्राम में ऐसा होगा तो पूरी संभावना है कि यही स्थिति पूरे दिल्ली एनसीआर में रहे।
गुरुग्राम एनसीआर का हिस्सा है और यहां इंफोसिस, जेनपैक्ट, फेसबुक, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट सहित कई बीपीओ, एमएनसी कंपनियों और प्रौद्योगिकी कंपनिया हैं। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मार्च के बीच में एक एडवाजरी जारी की थी, जिसमें एमएनसी कंपनियों, बीपीओ, आईटी कंपनियों, कॉरपोरेट और उद्योगों को वर्क फ्रॉम होम करने की अनुमति देने के लिए कहा गया था। अब वर्क फ्रॉम होम की एडवाजरी जुलाई के अंत तक जारी रहेगी। कुंडू ने बताया कि गुरुग्राम में जिन लोगों के कार्यालय हैं, उन्हें वर्क फ्रॉम होम जारी रखना चाहिए।

लॉकडाउन में रोशन तो हैं लेकिन खाली पड़ा हक् सादबर हब

उन्होंने कहा कि यह ज्यादा उचित है कि कंपनियां ही यह सुनिश्चित करें कि घर से जितना संभव हो उतने कर्मचारी काम करें।
उन्होंने कहा कि उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र के मामले में यह संभव नहीं हो सकता है, लेकिन जहां तक भी संभव हो उसका पालन किया जाना चाहिए। कुंडू ने कहा कि जीएमडीए और एनएचएआई परियोजनाओं में कुछ निर्माण स्थलों को सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों के भीतर काम फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल जहां पहले से ही मजदूर रहते हैं या आस-पास पैदल दूरी के भीतर रहते हैं, उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए काम फिर से शुरू करने की अनुमति है।

जीएमडीए के सीईओ ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की प्रकृति ऐसी है कि कोई नहीं जानता है कि हम पहले की तरह सामान्य रूप से कब काम कर पाएंगे। कॉर्पोरेट हब होने के अलावा, गुरुग्राम ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए भी एक केंद्र है। यहां अबतक कोरोवा वायरस के 51 मामले सामने आए हैं। इनमें से 35 ठीक हो गए है। गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद हरियाणा के रेड जोन में शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार रविवार को राज्य में 289 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें से 176 ठीक हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

+ 22 = 25