इरफान ने कहा था – मुझे जीने का मौका मिला तो मैं सुतापा के लिए जीना चाहूंगा, मैं हूं-क्योंकि वो है

New Delhi : वर्सेटाइल एक्टर Irfaan Khan ने कैंसर से लंबी जंग लड़ी। तबियत ठीक होने के बाद इरफान ने फिल्म अंग्रेजी मीडियम जरूर की लेकिन वे परफेक्ट कंडीशन में नहीं थे। इस फिल्म के रिलीज के दौरान उन्होंने एक इंटरव्यू में बीमारी से चल रही अपनी जंग को लेकर बात की थी। इरफान ने कहा था – मेरे लिए ये जो दौर था वो रोलर कोस्टर राइड जैसा था। हम थोड़ा रोये, लेकिन बहुत हंसे भी। मुझे बहुत बेचैनी होती थी, लेकिन मैंने उसे बाद में कंट्रोल कर लिया था।

उन्होंने कहा था – हालांकि इस बीच जो सबसे अच्छी बात हुई वो ये कि मैं अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय रहा। मैंने उन्हें बढ़ता देखा। अपनी पत्नी सुतापा को लेकर तो मैं क्या ही कहूं। वह 24 घंटे मेरे साथ रहती हैं। हमेशा मेरा ध्यान रखतीं। अगर मुझे जीने का मौका मिला तो मैं उसके लिए जीना चाहूंगा। मैं अगर अभी तक हूं तो उसकी बड़ी वजह मेरी पत्नी है।

उन्होंने अंग्रेजी मीडियम के प्रमोशन पर न आ पाने पर कहा था – हैलो भाइयों-बहनों, नमस्कार। मैं इरफान। मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी। खैर, ये फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ मेरे लिए बहुत खास है। सच…यकीन मानिए, मेरी दिली ख्वाहिश थी कि इस फिल्म को उतने ही प्यार से प्रमोट करूं, जितने प्यार से हम लोगों ने बनाया है। लेकिन, मेरे शरीर के अंदर कुछ अनवॉन्टेड मेहमान बैठे हुए हैं। उनसे वार्तालाप चल रहा है। देखते हैं किस करवट ऊंट बैठता है। जैसा भी होगा आपको इत्तिला कर दी जाएगी।

और आज आइरफान खान की मौत की खबर ट्विटर पर फिल्म निर्माता शूजित सरकार ने शेयर की। उन्होंने लिखा – मेरे प्रिय मित्र इरफान, आप लड़े, लड़े और लड़े। मुझे आप पर हमेशा गर्व रहेगा.. हम फिर से मिलेंगे। शांति…ओम शांति। इरफान खान को सलाम।

अपने शुरुआती दिनों में जब वे फिल्में पाने के लिये स्ट्रगल कर रहे थे।

बॉलीवुड एक्टर Irfaan Khan के जाने पर PM Narendra Modi ने शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा – इरफान खान का जाना सिनेमा और रंगमंच की दुनिया के लिए एक क्षति है। उन्हें विभिन्न माध्यमों में उनके बहुमुखी प्रदर्शन के लिए याद किया जाएगा। मेरे विचार उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।
प्रियंका गांधी ने लिखा – इरफान खान की बेमिसाल अदाकारी जैसी दूसरी मिसाल मिलनी मुश्किल है। उनके अभिनय ने भाषाओं, राष्ट्रों और मज़हबों की सीमाओं को तोड़ते हुए अदाकारी का एक ऐसा लहजा बनाया, जिसने कला और संवेदना के जरिए पूरी मानवता को एकजुट किया। आपका अभिनय हमारी थाती है। हम इसे सहेजकर रखेंगे।
बॉलीवुड एक्टर Irfaan Khan बुधवार की सुबह चल बसे। वे पिछले चौबीस घंटे से कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह वे बाथरूम में गिर गये थे। उन्होंने सांस लेने में दिक्कत और अचानक कमजोरी की शिकायत की। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती करवाया गया। इरफान के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है। इरफान को कोलन इंफेक्शन के चलते मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वह डॉक्टरों की देखरेख में थे। पिछले दिनों इरफान की मां सईदा बेगम का जयपुर में इंतकाल हो गया था। मगर लॉकडाउन और तबियत खराब होने के कारण इरफान मां के जनाजे में भी शामिल नहीं हो पाये थे। उन्होंने जयपुर में परिजन से वीडियो कॉल पर बात की थी।

पिछले दिनों इरफान की मां सईदा बेगम का जयपुर में इंतकाल हो गया था। मगर लॉकडाउन और तबियत खराब होने के कारण इरफान मां के जनाजे में भी शामिल नहीं हो पाये थे। उन्होंने जयपुर में परिजन से वीडियो कॉल पर बात की थी।

दो साल पहले मार्च 2018 में इरफान को अपनी बीमारी का पता चला था। उन्होंने खुद फैंस के साथ यह खबर साझा की थी। उन्होंने ट्वीट किया था – जिंदगी में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है, जो आपको आगे लेकर जाता है। मेरी जिंदगी के पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहे हैं। मुझे न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हुई है। लेकिन, मेरे आसपास मौजूद लोगों के प्यार और ताकत ने मुझमें उम्मीद जगाई है। बीमारी का पता लगने के बाद इरफान खान इलाज कराने लंदन गए थे। वहां वे करीब एक साल रहे और फिर अप्रैल 2019 में भारत लौटे।
वापसी के बाद उन्होंने अपनी फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ की शूटिंग राजस्थान में शुरू की और फिर आगे के शेड्यूल के लिए लंदन चले गए थे, जहां वे डॉक्टर्स के संपर्क में भी रहे। हालांकि, लॉकडाउन के चलते यह फिल्म सिर्फ दो दिन ही सिनेमाघरों में चल पाई। फिल्म के ट्रेलर रिलीज से पहले इरफान ने फैन्स के लिए यू-ट्यूब पर अपना इमोशनल मैसेज छोड़ा था।

उन्हें ‘हासिल’ (निगेटिव रोल), ‘लाइफ इन अ मेट्रो’ (बेस्ट एक्टर), ‘पान सिंह तोमर’ (बेस्ट एक्टर क्रिटिक) और ‘हिंदी मीडियम’ (बेस्ट एक्टर) के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। ‘पान सिंह तोमर’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिया गया था।

वैसे इरफान डॉक्टरों की राय लेने के लिए लंदन आते-जाते रहते थे मगर पिछले डेढ़ महीने से जारी लॉकडाउन के चलते सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द थे। इसलिए, वे मुंबई से बाहर नहीं जा पाए। इरफान ने ‘मकबूल’, ‘लाइफ इन अ मेट्रो’, ‘द लंच बॉक्स’, ‘पीकू’, ‘तलवार’ और ‘हिंदी मीडियम’ जैसी शानदार फिल्मों में काम किया है। उन्हें ‘हासिल’ (निगेटिव रोल), ‘लाइफ इन अ मेट्रो’ (बेस्ट एक्टर), ‘पान सिंह तोमर’ (बेस्ट एक्टर क्रिटिक) और ‘हिंदी मीडियम’ (बेस्ट एक्टर) के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। ‘पान सिंह तोमर’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। कला के क्षेत्र में उन्हें देश का चौथा सबसे बड़ा सम्मान पद्मश्री भी मिल चुका है।

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