सबको मदद मिलेगी : प्रयागराज में फंसे 9000 छात्रों को घर भेजने के आदेश दिये CM योगी ने

New Delhi : कोरोना आपदा और लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के काम में जुटी सरकार अब प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने-अपने घर भेजने में मदद करेगी। यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने दी। उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 300 रोडवेज बसों में प्रयागराज में फंसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 9000 छात्रों को उनके घर भेजने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के आदेश दिये हैं। इसमें यूपी में ही रहने वाले छात्र शामिल हैं। अगर अन्य राज्य के छात्र हैं और उनका राज्य ले जाना चाहता है तो उसे अनुमति दी जाएगी।

CM योगी आदित्यनाथ की पहल पर कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्र विशेष बसों की मदद से लाये गये

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि पहले चरण में सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर और चित्रकूट के बच्चे अपने शहर जाएंगे। दूसरे चरण में बचे जिलों के बच्चे जाएंगे। अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि एक मई से खाद्यान्न का पुनः वितरण होगा। मुख्यमंत्री के आदेश पर L1,L2,L3 कोविड अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पीपीई किट, मास्क आदि जिलों में पहुँचाने के आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि जनपदों में 15 से 20000 क्षमता वाले क़वारैंटाइन सेंटर बनाये जाएंगे। 328 बसों से दूसरे प्रदेश में रह रहे उत्तरप्रदेश के 9992 मजदूर वापस लाये गये हैं।
इधर कानपुर के तीन अलग-अलग मदरसों से करीब 60 छात्रों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद मदरसे और आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के लिये यह बहुत बड़ा सरदर्द हो गया है क्योंकि अब कानपुर प्रदेश में आगरा के बाद दूसरा बड़ा हॉटस्पॉट बन गया है। कानपुर की तंग गलियां और घनी आबादी प्रशासन के लिये सबसे बड़ा सरदर्द है।
तीनों मदरसे दारुलउलूम अशर्फिया गौसिया मजारिस अनवरगंज, मदरसा कुलीबाजार, दारुलउलूम अशर्फियां गौसिया और हिदायद मदरसा के हैं। ये बच्चे दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से लौटे कुछ तबलीगी जमात के लोगों के संपर्क में आ गये थे। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि की है।

दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को यूपी लाने की तैयारी। क्वारैंटाइन करने से पहले कामगारों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

कानपुर एसपी अनंत देव तिवारी ने बताया कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद कुछ जमाती शहर की विभिन्न मस्जिदों और मदरसों में ठहरे थे। ये सभी बच्चे इन्हीं जमातियों के संपर्क में आये। जिसके बाद इनकी जांच की गई। एसपी ने बताया कि हमने सभी हॉट स्पॉट इलाकों को सील कर दिया है। इन इलाकों की ड्रोने से निगरानी की जा रही है। मदरसों में बाहर से भी कई छात्र पढ़ने आए हैं। सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। 3 दिन पहले ही जाजमऊ के 1 मदरसे से महज 6 संक्रमित मरीज मिले थे। इसके बाद आज करीब 60 पॉजिटिव केस मिले हैं। कानपुर सीएमओ अशोक शुक्ला के मुताबिक अधिकांश मदरसों से बच्चों की जांच कराई गई जोकि कानपुर के अलग-अलग स्थानों के मदरसों से थे। इनमें 60 बच्चे पॉजिटिव पाए गए हैं।

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