मां लक्ष्मी की सोने की चरण पादुका लायें और पूजा करें, घर में कभी धन की कमी नहीं होगी

New Delhi : अक्षय तृतीया को सनातन धर्म में अत्यंत ही शुभ दिन माना जाता है। अक्षय तृतीया 2020 इस बार 26 अप्रैल रविवार को है। दीवाली की तरह अक्षय तृतीया के दिन भी मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करने से घर धन धान्य से भर उठता है और सेहत भी अच्छी रहती है। अक्षय तृतीया के टोटके बहुत ही कारगर साबित होते हैं। अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी के टोटेक अजमाये जायें तो अवश्य रूप से आने वाले समय में आश्चर्यजनक लाभ प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया के कुछ अचूक टोटके से अपार धन और एश्वर्य की प्राप्त होगी।

अगर आपके व्यापार को नजर लग गई है या तंत्र मंत्र और बाधा है इसके लिए आप अक्षय तृतीया के दिन एक दिव्यशंख, ग्यारह कौड़ियां और सात गोमती चक्र, 108 काली मिर्च और 108 साबुत लौंग और 100 ग्राम पीली सरसों ले लें। पीली सरसों को पीस कर रख लें। शाम के समय में लकड़ी चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर के किसी कटोरी में भरकर के इस मिश्रण को स्थापित कर लें। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाकर रख दें और दक्षिण की तरफ मुंह करके “ॐ दक्षिण भैरवाय भूत प्रेत बंद तंत्र बंद निगृहनी सर्व शत्रु संगाहारनी सर्व कार्य सिद्ध कुरू कुरू पट स्वहा” मंत्र का तीन माला या 7 माला बार जाप करना है। इस मंत्र का जाप करने के बाद सारी चीजें अपने पास उठाकर रख लें या अपने कार्यक्षेत्र या ऑफिस में शाम के समय में छिड़काव कर दें। ऐसे करने से पूरे साल आपका व्यापार खूब उन्नति करेगा।
वैसे तो ज्यादातर लोग अक्षय तृतीया के दिन सोने की कोई न कोई वस्तु खरीदते ही हैं लेकिन इस दिन सोने की मां लक्ष्मी की चरण पादुका घर खरीदकर लाएं और इसकी विधि विधान से पूजा करने से आपके घर में कभी धन की कमी नहीं होगी। माना जाता है कि कौड़ियों की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी, जो मां लक्ष्मी को बेहद पसंद है। अक्षय तृतीया के दिन ग्यारह कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर देवी के चरणों में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करते समय इनके माथे पर केसर और हल्दी का तिलक लगाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का वास हमेशा आपके घर में बना रहता है। वैसे तो सभी प्रकार की पूजा में नारियल रखना शुभ होता है लेकिन अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी के चरणों में एकाक्षी नारियल रखने से मां हमेशा प्रसन्न रहती हैं और कृपा बरसाती हैं। अक्षय तृतीया के दिन शक्कर, खरबूजा, तिल, घी, वस्त्र, चांदी, नमक सहित अन्य वस्तुएं ब्राह्मणों को दान करने से मन शांत रहता है और धन की चिंता नहीं सताती है। आक्समिक धन प्राप्त के लिए अपने सामने सात गोमती चक्र और महा लक्ष्मी चक्र को स्थापित करें और सात सरसों के तेल के दीपक जलाएं। ये सब एक ही थाली में करें। थाली अपने सामने रखें और शंख की माला से “हुम हुम हुम श्रीम श्रीम ब्रह्म ब्रह्म फट” मंत्र का 51 बार जाप करें।
माता लक्ष्मी के मंदिर में अक्षय तृतीया से प्रारंभ करते हुए प्रत्येक शुक्रवार को धूपबत्ती और गुलाब अगरबत्ती का दान करने से अचानक धन प्राप्ति के योग्य व्यक्ति के जीवन में अवश्य बन जाते हैं। अक्षय तृतीया का व्रत रखकर के गर्मी की वस्तु जैसे छाता, दही, जूता चप्पल, मिट्टी का घड़ा, सत्तू, खरबूजा, खीरा, ककडी, बेल, सर्बत, हाथ वाला पंखा, टोपी आदि वस्तुओं का दान करने से आपके जीवन की समस्त समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
लग्न राशि के स्वामी गृह को प्रसन्न करने के लिए और अक्षय तृतीया पर उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए जातक अक्षय तृतीया के दिन से अपनी लग्न राशि के स्वामी के रंग के मुताबिक कपड़ा अपने पास रखें। प्रत्येक जातक की एक चंद्र राशि होती है और इसी तरीके से कुण्डली में जन्म के समय एक लग्न राशि भी होती है। जातक के गुण और व्यवहार को लग्न का स्वामी प्रभावित करता है। यदि किसी के कार्य नहीं बन पा रहे हैं या आर्थिक रूप से तकलीफ में कोई व्यक्ति है तो वह अपनी लग्न राशि के स्वामी के रंग की कोई वस्तु अपने पास जरूर रखें। ऐसा करने से अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है।

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