सबसे बड़ी खुशखबरी : कोरोना से जंग में जीत रही दिल्ली, हर तीसरा मरीज हो रहा स्वस्थ

New Delhi : राजधानी दिल्ली में कोरोना को मात देने वाले फाइटर्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अब दिल्ली में हर तीसरा मरीज ठीक होकर घर पहुंच रहा है। कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत 33 तक पहुंच चुका है और इसमें लगातार वृद्धि जारी है। रिकवरी के मामले में देश का आंकड़ा अभी 29 फीसदी है। 15 दिन पहले तक दिल्ली में ठीक होने की दर 4-5% ही थी। लेकिन 18 अप्रैल से इसमें तेजी आई है।

हर एक जगह हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग : प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज के मामले के बाद पॉजिटिव मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ था। एक साथ सैकड़ों लोग एडमिट होने आये तो रिकवरी का औसत कम हो गया। शनिवार के आंकड़ें देखें तो दिल्ली में कुल 2,625 पॉजिटिव मरीज थे। वहीं, 869 ठीक होकर घर पहुंच गए हैं। बीते आठ दिनों में ही 796 मरीज ठीक हुए हैं, जो बड़ी राहत की खबर है।
मुख्यमंत्री ने भी संतोष जताया कि पिछला हफ्ता उसके पहले के हफ्ते से बेहतर रहा है। आंकड़ों के हवाले से उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना के केस मिलने के बाद सातवें हफ्ते में 850 नए केस आए थे, तब हम घबरा गए थे, लेकिन 8वें हफ्ते में 622 नए मरीज ही आए। वहीं, 7वें हफ्ते में 21 की मौत हुई थी, जबकि पिछले हफ्ते में 9 की। सातवें हफ्ते में 260 लोग ठीक हुए, जबकि पिछले 8वें हफ्ते में 580 लोग स्वस्थ हुए। सीएम ने कहा कि एक तरह से पिछला हफ्ता अच्छा रहा। सभी ने बड़ी कठिनाई से लॉकडाउन का पालन किया है और इसी तरह आगे भी करते रहे तो बीमारी से निजात पा सकते हैं।
प्लाज्मा थेरपी ने दिल्ली में उम्मीद बढ़ाई है। मैक्स में जिस मरीज को यह थेरपी दी गई, उसे रविवार को छुट्टी मिल गई। सीएम ने भी कहा कि शनिवार को LNJP में नाजुक हालत में एक मरीज को प्लाज्मा दिया गया तो रविवार सुबह तबीयत में सुधार दिखा। एम्स के झज्जर सेंटर से इलाज के बाद छुट्टी पाए दर्जनों जमातियों ने प्लाज्मा डोनेशन की इच्छा जताई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सीएम केजरीवाल ने कहा कि कोरोना को हराने वाले बड़ी संख्या में प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। कोरोना हिंदू-मुसलमान सबको होता है। हिंदू का प्लाज्मा मुसलमान को और मुसलमान का प्लाज्मा हिंदू को बचा सकता है। इससे सीख ले सकते हैं कि अगर प्यार-मोहब्बत से काम करेंगे, तो हमें कोई नहीं हरा सकता है, लेकिन बंट गए तो फिर हमें कोई बचा भी नहीं सकता है। इसलिए आपके मन में कभी दूसरे धर्म के शख्स के प्रति दुर्भावना आए, तो सोचिएगा कि उसका प्लाज्मा जान बचा सकता है।

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