1528 से क़ैद में थे रामलला, आज अपने भाइयों और हनुमान जी के साथ पालकी से गये मंदिर में

New Delhi : साल 1528 से क़ैद में रहे श्रीरामलला को उनके भाइयों और हनुमानजी समेत अलगअलग पालकियों में बिठाकरअस्थाई मंदिर में ले जाया गया। आज रामलला आज़ाद हुए। CM Yogi Adityanath ने अपनी मौजूदगी में श्रीरामलला को विराजितकराया। उन्होंने विशेष आरती भी की।

आइये जानें इतिहास

1528 : मुगल बादशाह बाबर के कमांडर मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया। 

1885 : महंत रघुबीर दास ने फैजाबाद जिला अदालत में याचिका दायर कर विवादित ढांचे के बाहर शामियाना तानने की अनुमति मांगी।अदालत ने याचिका खारिज कर दी। 

1949 : विवादित ढांचे के बाहर केंद्रीय गुंबद में रामलला की मूर्तियां स्थापित की गईं। 

1950 : रामलला की मूर्तियों की पूजा का अधिकार हासिल करने के लिए गोपाल सिमला विशारद ने फैजाबाद जिला अदालत मेंयाचिका दायर की। 

1950: परमहंस रामचंद्र दास ने पूजा जारी रखने और मूर्तियां रखने के लिए याचिका दायर की। 

1959 : निर्मोही अखाड़ा ने जमीन पर अधिकार दिए जाने के लिए याचिका दायर की। 

1961 : उत्तर प्रदेश सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने स्थल पर अधिकार के लिए याचिका दायर की। 

1 फरवरी 1986 : स्थानीय अदालत ने सरकार को पूजा के लिए हिंदू श्रद्धालुओं के लिए स्थान खोलने का आदेश दिया। 14 अगस्त1989 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने विवादित ढांचे के लिए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।

6 दिसम्बर 1992 : रामजन्मभूमिबाबरी मस्जिद ढांचे को ढहाया गया। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

− 4 = 4